Аё садрӣ ки хуршеди фалак ро
ایا صدری که خورشید فلک را
Ба пеши рои ту бар хоки хдст
به پیش رای تو بر خاک خدست
Бадасти зулм аз ъад ту бандаст
بدست ظلم از عد تو بندست
Бпиши фитна аз ҳзм ту садаст
بپیش فتنه از حزم تو سدست
Сахои ту фузуни азобр ва баҳраст
سخای تو فزون ازابر و بحرست
Атои ту бурун аз ҳасри въдст
عطای تو برون از حصر وعدست
Аҷаб набӯд ки бахше ва набахше
عجب نبود که بخشی و نبخشی
Ки дарё низ ҳам бо ҷзр ва мадаст
که دریا نیز هم با جزر و مدست
зи бахти худ на аз ҷӯади ту байнам
ز بخت خود نه از جود تو بینم
Агар ин илтимосам мустарадаст
اگر این التماسم مستردست
зи ҷавдати хостами чизеи муҳақар
ز جودت خواستم چیزی محقر
Ки донистам ки он маънии мъдст
که دانستم که آن معنی معدست
Биҷаҳад ман нашуд он ҳам муяссар
بجهد من نشد آن هم میسر
Ки наз ҷадаст қисматҳо зҷдст
که نز جدست قسمت ها زجدست
Мъозоллаҳ ки кас дар хотири орад
معاذالله که کس در خاطر آرد
Ки дар табъи ту ҳаргиз манъ вирдаст
که در طبع تو هرگز منع وردست
Валикин то ҳама мардум бидонанд
ولیکن تا همه مردم بدانند
Ки ҳурмони ман ӣнҷо то чаҳ ҳадаст
که حرمان من اینجا تا چه حدست