ё ҷлии алзҳўру алошроқ
یا جلی الظهور و الاشراق
Кист ҷузи ту дар анфусу офоқ
کیست جز تو در انفس و آفاق
Лӣси фии алкоӣноти ғайрики шайъ
لیس فی الکائنات غیرک شی
Анати шамси алзҳӣу ғайрики фӣ
انت شمس الضحی و غیرک فی
Фӣ чаҳ бошад ба форсии соя
فی چه باشد به فارسی سایه
Соя аз равшании баради моя
سایه از روشنی برد مایه
Сояро дар мавоқиъи таълим
سایه را در مواقع تعلیم
Зؤи сонӣ рақам зада сети ҳаким
ضؤ ثانی رقم زده ست حکیم
Нур чун аз сроФтши нозил
نور چون از صرافتش نازل
Гашт , номаш кунанд фӣ ё зилл
گشت، نامش کنند فی یا ظل
Ду ҷаҳон сояасту нури туе
دو جهان سایه است و نور تویی
Сояро мояи зуҳӯри туе
سایه را مایه ظهور تویی
Ин ва он сӯратасту маънии ту
این و آن صورت است و معنی تو
Нест мавҷӯди сӯратӣ бе ту
نیست موجود صورتی بی تو
Пардаи сӯрат аз миён бурдор
پرده صورت از میان بردار
Беш азин банд сӯратам магузор
بیش ازین بند صورتم مگذار
Балки беруни зи сӯрату маънӣ
بلکه بیرون ز صورت و معنی
Рӯй бинмо ки тай шавад даъвӣ
روی بنما که طی شود دعوی
Чист даъвии таваҳҳуми ман ва мо
چیست دعوی توهم من و ما
Руяти ғайру эътибори сўо
رؤیت غیر و اعتبار سوا
Ҳарфи мо ва ман аз дилам битарош
حرف ما و من از دلم بتراش
Маҳв кун ғайрроу ҷумла ту бош
محو کن غیر را و جمله تو باش
Худ чаҳ ғайру кадоми ғайри ӣнҷо
خود چه غیر و کدام غیر اینجا
Ҳам зи ту сӯй туаст сайри ӣнҷо
هم ز تو سوی توست سیر اینجا
Дар бдоит з туаст сайри риҷол
در بدایت ز توست سیر رجال
Дар ниҳоят ба сӯй туаст мол
در نهایت به سوی توست مال
Аввали раҳи туеу охири ҳам
اول ره تویی و آخر هم
Балки сайру масиру соири ҳам
بلکه سیر و مسیر و سایر هم