Хоби марг ва ҳаёт бедорӣаст

خواب مرگ و حیات بیداریست

Сулҳи марг аз ҳаёт безорӣаст

صلح مرگ از حیات بیزاریست

Май гурезии з захм нашутур марг

می گریزی ز زخم نشتر مرگ

Чаҳ кунӣ рӯй дар бародари марг

چه کنی روی در برادر مرگ

Хоб дуздӣаст зиндагонии коҳ

خواب دزدیست زندگانی کاه

Нақди худро зи дузди дори нигоҳ

نقد خود را ز دزد دار نگاه

Мислии равшанаст бар киу ма

مثلی روشن است بر که و مه

Ки супурдан ба дузди коло ба

که سپردن به دزد کالا به

Магари ин дузд азон буд боло

مگر این دزد ازان بود بالا

Ки супурдани тавон ба ӯ коло

که سپردن توان به او کالا

Бошад Эй карда рӯ ба роҳи талаб

باشد ای کرده رو به راه طلب

Ним умри ту рӯз ва нимӣ шаб

نیم عمر تو روز و نیمی شب

Шаби ту чун ҳамаи гузашт ба хоб

شب تو چون همه گذشت به خواب

Ъри ту нима шуд ба вақти ҳисоб

عر تو نیمه شد به وقت حساب

Бар ту хоҳӣ дароз гардад рӯз

بر تو خواهی دراز گردد روز

Чизе аз шаби бдзд ва бар ваии дуз

چیزی از شب بدزد و بر وی دوز

Фии алмисл гар шавад зи умри ту кам

فی المثل گر شود ز عمر تو کم

Рӯзии уфтии миёни ғуссау ғам

روزی افتی میان غصه و غم

Сад шаб аз умри хеш кам кардӣ

صد شب از عمر خویش کم کردی

Ғами он аз ғурур кам хӯрдӣ

غم آن از غرور کم خوردی

Қасд шабгир кун ки бе шабгир

قصد شبگیر کن که بی شبگیر

Нест ин роҳи инқитоъ пазир

نیست این راه انقطاع پذیر

Шбрўонро зи раҳ баридани шаб

شبروان را ز ره بریدن شب

Гарчи бошад ҳазор гӯнаи тъб

گرچه باشد هزار گونه تعب

Чун ба манзили шутури бхўобоннд

چون به منزل شتر بخوابانند

Он замони мадҳ шбрўӣ хонанд

آن زمان مدح شبروی خوانند

Анмои алсоӣрўни кули рўоҳ

انما السائرون کل رواح

Иҳмдўни алсрии лдии алосбоҳ

یحمدون السری لدی الاصباح