Субҳ ки бар ҳошияи ин чаман
صبح که بر حاشیه این چمن
Зад илм нур фишон Настаран
زد علم نور فشان نسترن
Рехти азин гулшани фирӯзаи фом
ریخت ازین گلشن فیروزه فام
Шохи шукуфаи варақи сими хом
شاخ شکوفه ورق سیم خام
Боди саҳари хези гул афшон расед
باد سحر خیز گل افشان رسید
Рахти сулӯкам ба гулистон кашид
رخت سلوکم به گلستان کشید
Ҷилва гуҳӣ ёфтам ороста
جلوه گهی یافتم آراسته
Сӯй ба сӯи ҷилваи гарони хостаҳ
سوی به سو جلوه گران خاسته
Балки яке савмиъау бастаи саф
بلکه یکی صومعه و بسته صف
Аҳли сафои гирди вай аз ҳар тараф
اهل صفا گرد وی از هر طرف
Сабзаи мусаллои зи гёи сохта
سبزه مصلا ز گیا ساخته
Гирд ба гирд чаман андохта
گرد به گرد چمن انداخته
Сабзи либосон ба хушўъи тамом
سبز لباسان به خشوع تمام
Карда ба болои мусаллои қиём
کرده به بالای مصلا قیام
Мурғи чамани замзамаи сози ҳама
مرغ چمن زمزمه ساز همه
Карда адои вирди намози ҳама
کرده ادا ورد نماز همه
Ҷустаи чанори ашрафи авқот ро
جسته چنار اشرف اوقات را
Дасти баровардаи муноҷот ро
دست برآورده مناجات را
ӯ ба муноҷот чу талқин шуда
او به مناجات چو تلقین شده
Бештари ёсамини омин шуда
بیشتر یاسمین آمین شده
Гул ки ба таҷред буд раҳнамӯн
گل که به تجرید بود رهنمون
Нақд худ оварда зи хирқаи бурун
نقد خود آورده ز خرقه برون
Ғунча ба таълими тариқи адаб
غنچه به تعلیم طریق ادب
Аз сухану хандаи фурӯи бастаи лаб
از سخن و خنده فرو بسته لب
Карда бунафша чу муроқиб нишаст
کرده بنفشه چو مراقب نشست
Бо қад хам дода сарафкандаи паст
با قد خم داده سرافکنده پست
Наргиси акмаҳ ки ҳамаи дида буд
نرگس اکمه که همه دیده بود
Гуфт чу дидаш на писандида буд
گفت چو دیدش نه پسندیده بود
Дидаи ҷаҳон байн нашавад ҷуз ба дӯст
دیده جهان بین نشود جز به دوست
Кӯр буд ҳар ки на бино ба ӯст
کور بود هر که نه بینا به اوست
Мкҳлаҳи лола шудаи серумаи соӣ
مکحله لاله شده سرمه سای
Майли зумуррад ба дарун дода ҷой
میل زمرد به درون داده جای
ё ба намеалифӣ карда роҳ
یا به میانش الفی کرده راه
Гашта паии нафии сӯии лоолаҳ
گشته پی نفی سوی لااله
Қамарӣ ва булбул зада роҳи самоъ
قمری و بلبل زده راه سماع
Мустамеъон карда ба ваҷди иҷтимо
مستمعان کرده به وجد اجتماع
Бар дафи гули барги ҷлоҷл шуда
بر دف گل برگ جلاجل شده
Шохи зи риққати мутамойил шуда
شاخ ز رقت متمایل شده
Ман ба чунин вақти пар аз ёди пер
من به چنین وقت پر از یاد پیر
Ҷону дилии шод ба иршоди пер
جان و دلی شاد به ارشاد پیر
Оташи шавқаши зи даруни шуълаи каш
آتش شوقش ز درون شعله کش
Бардаи зи ман сабру сукӯни шуъла вааш
برده ز من صبر و سکون شعله وش
Гирди чамани тўФ кунон ме шудам
گرد چمن طوف کنان می شدم
Ҷома дарон наъра занон ме шудам
جامه دران نعره زنان می شدم
Рӯй намӯд одаме бо ҷамол
روی نمود آدمیی با جمال
Ҳаст на ва нест на ҳамчун хаёл
هست نه و نیست نه همچون خیال
Чашми кушодам ба таъаммул ки кист
چشم گشادم به تأمل که کیست
Вомднши сӯии чамани баҳри чуст
وآمدنش سوی چمن بهر چست
Дар дилам афтод ки пер ман аст
در دلم افتاد که پیر من است
Сайқали мроти замир ман аст
صیقل مرآت ضمیر من است
Пардаи даврӣ чу шуд аз пеши давр
پرده دوری چو شد از پیش دور
Дидамаш он мавҷ фишон баҳри нур
دیدمش آن موج فشان بحر نور
Пеши давидам ки саломи алейк
پیش دویدم که سلام علیک
Рӯҳӣу нафасӣу фуодии лдик
روحی و نفسی و فؤادی لدیک
Гуфт ҷавобӣ ки чу оби ҳаёт
گفت جوابی که چو آب حیات
Дод зи андешаи маргами наҷот
داد ز اندیشه مرگم نجات
Аз лмъоти руху нури ҷабин
از لمعات رخ و نور جبین
Чашми марои сохт чу дили тезбин
چشم مرا ساخت چو دل تیزبین
Шуд мадади нури назари нури дил
شد مدد نور نظر نور دل
Гашти басират ба басари муттасил
گشت بصیرت به بصر متصل
Ончии дил аз пеши бдонстаҳ буд
آنچه دل از پیش بدانسته بود
Пеши басари ҷумла ҳувайдо намӯд
پیش بصر جمله هویدا نمود
Дид ки олами зи смк то само
دید که عالم ز سمک تا سما
Нест биҷузи воҷиби мумкини намо
نیست بجز واجب ممکن نما
Ҳастӣ воҷиб яке омад ба зот
هستی واجب یکی آمد به ذات
Ҳаст таъаддуди зи шуъӯну сифот
هست تعدد ز شئون و صفات
Касрати сӯрати з сифотасту бас
کثرت صورت ز صفات است و بس
Асли ҳамаи ваҳдат зотасту бас
اصل همه وحدت ذات است و بس
Баҳри яке мавҷи ҳазорон ҳазор
بحر یکی موج هزاران هزار
Рӯй яке оинаҳо бе шумор
روی یکی آینه ها بی شمار
Дида чу шуд баҳраи вари аинсони зи пер
دیده چو شد بهره ور اینسان ز پیر
Гуфтамаш эй хоҷаи равшани замир
گفتمش ای خواجه روشن ضمیر
Дидаи зи Яман ?назарет ёфтам
دیده ز یمن نظرت یافتم
Вази ҳама бо Яман тарат ёфтам
وز همه با یمن ترت یافتم
Ончии марои зобр нўолт расед
آنچه مرا زابر نوالت رسید
Сабзаи зи борон баҳорӣ надид
سبزه ز باران بهاری ندید
Вончаҳи зи меҳрат ба дил ва дида тофт
وانچه ز مهرت به دل و دیده تافت
Зарраи зи хуршед дурахшон наёфт
ذره ز خورشید درخشان نیافت
Мадҳи ту неи ҳавсила чун мнист
مدح تو نی حوصله چون منیست
Манқибати ҷон на ҳад ҳар танӣаст
منقبت جان نه حد هر تنیست
Гуфт ки ҷомии ту куҷое ҳануз
گفت که جامی تو کجایی هنوز
Бош ки то субҳ ту ояд ба рӯз
باش که تا صبح تو آید به روز
Роҳи сулӯки ту ба поён расад
راه سلوک تو به پایان رسد
Дониш ва дид ту ба виҷдон расад
دانش و دید تو به وجدان رسد
Фориғи азин чашму дилу ҷони шӯй
فارغ ازین چشم و دل و جان شوی
Ҳар чаҳ бидидӣ ба яқини он шӯй
هر چه بدیدی به یقین آن شوی