Биёи ҷомӣ эй умрҳо бардаи ранҷ
بیا جامی ای عمرها برده رنج
зи хотир бурун дода ин панҷ ганҷ
ز خاطر برون داده این پنج گنج
Шуд ин панҷат он панҷа зӯр ёб
شد این پنجت آن پنجه زور یاب
Казу дасти дарёи кафони дидаи тоб
کزو دست دریا کفان دیده تاب
Аҷаби аждҳоиисти калаки ду сар
عجب اژدهاییست کلک دو سر
Ки резади буруни ганҷҳои гуҳар
که ریزد برون گنجهای گهر
Кунад аждаҳо бар дар ганҷи ҷой
کند اژدها بر در گنج جای
Вале кам буд аждаҳои ганҷи зой
ولی کم بود اژدها گنج زای
Шуд он аждаҳои ганҷ дар мушти ту
شد آن اژدها گنج در مشت تو
Бар ӯ ҳалқа зад мори ангушти ту
بر او حلقه زد مار انگشت تو
Чаҳ гавҳар фишонанд ин ганҷу мор
چه گوهر فشانند این گنج و مار
Ки шуд пари гуҳари домани рӯзгор
که شد پر گهر دامن روزگار
Вале байнам аз калак ҳар ганҷи санҷ
ولی بینم از کلک هر گنج سنج
Пар аз панҷ ганҷи ин сарои сипанҷ
پر از پنج گنج این سرای سپنج
Ба он панҷҳо кӣ расад панҷ ту
به آن پنجها کی رسد پنج تو
Ки як ганҷашон ба зи сад ганҷи ту
که یک گنجشان به ز صد گنج تو
Ба тахсӣси панҷӣ ки сар панҷа зад
به تخصیص پنجی که سر پنجه زد
Бширӣ ки сарпанҷа аз ганҷа зад
بشیری که سرپنجه از گنجه زد
Ба туркии забон нақшӣ омад аҷаб
به ترکی زبان نقشی آمد عجب
Ки ҷодӯи дмонро буд меҳри лаб
که جادو دمان را بود مهر لب
зи чархи офаринҳо бар он калаки бод
ز چرخ آفرین ها بر آن کلک باد
Ки ин нақши матбӯъ азон калаки зод
که این نقش مطبوع ازان کلک زاد
Ббхшўд бар форсии гавҳарон
ببخشود بر فارسی گوهران
Ба назми дарӣ дар назми оварон
به نظم دری در نظم آوران
Кигар будӣ он ҳам ба лафзи дарӣ
که گر بودی آن هم به لفظ دری
Нмондии маҷоли сухани густарӣ
نماندی مجال سخن گستری
Ба мизони он назми мӯъҷизи низом
به میزان آن نظم معجز نظام
Низомӣ ки будӣу хусрави кадом
نظامی که بودی و خسرو کدام
Чу ӯ бар забон дигар нукта ронад
چو او بر زبان دگر نکته راند
Хирадро ба тмиизшон раҳ намонад
خرد را به تمییزشان ره نماند
Зиҳии табъи ту Авестоади сухан
زهی طبع تو اوستاد سخن
зи мифтоҳи калакати кушоди сухан
ز مفتاح کلکت گشاد سخن
Суханро ки аз равнақи афтода буд
سخن را که از رونق افتاده بود
Ба кунҷи ҳўон рахт биниҳода буд
به کنج هوان رخت بنهاده بود
Ту додӣ дигар бораи ин обрӯӣ
تو دادی دگر باره این آبروی
Кашидӣ ба ҷўлонгаҳ гуфту гӯй
کشیدی به جولانگه گفت و گوی
СФоёб аз нури рой ту шуд
صفایاب از نور رای تو شد
Навоеи з лутф навой ту шуд
نوایی ز لطف نوای تو شد
Бар ин нахли назмӣ ки парварда ам
بر این نخل نظمی که پرورده ام
Ба хӯни дилаш дар бар оварда ам
به خون دلش در بر آورده ام
Нашуд боисами ҷузи схндонит
نشد باعثم جز سخندانیت
Ба дастури дониши суханронят
به دستور دانش سخنرانیت
Вагар неи ман онро чу оростам
وگر نی من آن را چو آراستم
На эҳсон на таҳсини зи каси хостам
نه احسان نه تحسین ز کس خواستم
Чаҳ хезади зи мадхал ки эҳсон кунад
چه خیزد ز مدخل که احسان کند
Чаҳ ояд зи таҳсин ки нодон кунад
چه آید ز تحسین که نادان کند
Ба лутфи сухан гар ситудам ту ро
به لطف سخن گر ستودم تو را
Ҳади дониш худ намудем ту ро
حد دانش خود نمودم تو را
Ки ин молу ҷоҳ ар чаҳ ҷон парвар аст
که این مال و جاه ار چه جان پرور است
Камоли сухан аз ҳама беҳтар аст
کمال سخن از همه بهتر است
Равад яксар ар сайри чархи куҳан
رود یکسر ار سیر چرخ کهن
Вале то ҷаҳон ҳаст монад сухан
ولی تا جهان هست ماند سخن
Сухан низ агар чанд доим бақост
سخن نیز اگر چند دایم بقاست
Хамӯшӣ аҷаби дилкашу ҷонФзост
خموشی عجب دلکش و جانفزاست
Биёи соқиои ҷом дилкаш биор
بیا ساقیا جام دلکش بیار
Май гарму равшан чу оташ биор
می گرم و روشن چو آتش بیار
Ки то лаб бар он ҷом дилкаш наҳем
که تا لب بر آن جام دلکش نهیم
Ҳамаи калаку дафтар бар оташ наҳем
همه کلک و دفتر بر آتش نهیم
Биёи мтрбо тез кун чанг ро
بیا مطربا تیز کن چنگ را
Баландии даҳ аз захмаи оҳанг ро
بلندی ده از زخمه آهنگ را
Ки то пунба аз гӯш дил баркашем
که تا پنبه از گوش دل برکشیم
Ҳама гӯш гирдему дами дркшим
همه گوش گردیم و دم درکشیم