Дӯш бар ёди ту чашмами дам ба дам хӯн ме гирист
دوش بر یاد تو چشمم دم به دم خون میگریست
Сӯз ман медид шамъ ва аз ман афзӯн ме гирист
سوز من میدید شمع و از من افزون میگریست
Гиряи талхи суроҳе низ бечизе набӯд
گریه تلخ صراحی نیز بیچیزی نبود
Ғолибан аз шавқи он лаб ҳои мегаван ме гирист
غالبا از شوق آن لبهای میگون میگریست
Субҳдам ёрб кавокиб буд резон аз сипеҳр
صبحدم یارب کواکب بود ریزان از سپهر
ё на бар дарди дили ман чашм гардун ме гирист
یا نه بر درد دل من چشم گردون میگریست
Чун фусунгар дид дард ман бурид аз ман умед
چون فسونگر دید درد من برید از من امید
Варна бемӯҷиб чаро ҳангом афсун ме гирист
ورنه بیموجب چرا هنگام افسون میگریست
Он на борон буд гирди кӯии Лайлӣ ҳар баҳор
آن نه باران بود گرد کوی لیلی هر بهار
Рӯзгори сангдил бар ҳол маҷнӯн ме гирист
روزگار سنگدل بر حال مجنون میگریست
Ваон равон то манзили ширин на ҷӯии шер буд
وان روان تا منزل شیرین نه جوی شیر بود
Балки бар Фарҳоди мискини кӯҳ ва ҳомӯн ме гирист
بلکه بر فرهاد مسکین کوه و هامون میگریست
Шуд чунон ҷомии заъиф аз меҳнати ҳиҷрон ки дӯш
شد چنان جامی ضعیف از محنت هجران که دوش
Сайли ашк аз хона май барадаши бурун чун ме гирист
سیل اشک از خانه میبردش برون چون میگریست