Рахти зи ғолияи хати гирд офтоб кашид

رخت ز غالیه خط گرد آفتاب کشید

Хатати зи сунбултар бар саман ниқоб кашид

خطت ز سنبل تر بر سمن نقاب کشید

Мусаввири азали абрӯии длгшои ту хост

مصور ازل ابروی دلگشای تو خواست

зи машки ноби ҳилолӣ бар офтоб кашид

ز مشک ناب هلالی بر آفتاب کشید

Саги ту хост барои қаллодаи ақди гуҳар

سگ تو خواست برای قلاده عقد گهر

Ба риштаи мижаи чашмам дар хўшоб кашид

به رشته مژه چشمم در خوشاب کشید

Пилос майкадаи зоҳиди зи далқи пашмин сохт

پلاس میکده زاهد ز دلق پشمین ساخت

Бисоти зарқ ба пои хам шароб кашид

بساط زرق به پای خم شراب کشید

Шабии хаёли ту домани кашони з мо нагузашт

شبی خیال تو دامن کشان ز ما نگذشت

Казин ду дида на доман ба хӯн ноб кашид

کزین دو دیده نه دامن به خون ناب کشید

зи хоби ноз чу бикшод дидаи наргиси маст

ز خواب ناز چو بگشاد دیده نرگس مست

Чаҳ нозҳо ки азон чашми ним хоб кашид

چه نازها که ازان چشم نیم خواب کشید

зи дарди ҳиҷри азобии сети нола раҳмӣ кун

ز درد هجر عذابی ست ناله رحمی کن

Ки дар фироқи ту ҷомии басӣ азоб кашид

که در فراق تو جامی بسی عذاب کشید