Моҳи нав бар шакл ҷом омад намози шоми ид

ماه نو بر شکل جام آمد نماز شام عید

Яъне аз ҷоми тараб холӣ мабош айёми ид

یعنی از جام طرب خالی مباش ایام عید

Кард як бор дигар ид аз маи нави ҷоми давр

کرد یک بار دگر عید از مه نو جام دور

намепрессатон сархушанд имшаби зи даври ҷоми ид

می پرستان سرخوشند امشب ز دور جام عید

Хон кам хорони моҳи рӯзаро бардоштанд

خوان کم خواران ماه روزه را برداشتند

Боди боқии маҷлиси риндони дрдошоми ид

باد باقی مجلس رندان دردآشام عید

Ид бар ҳар каси кушод аз хмкдаҳи абвоби файз

عید بر هر کس گشاد از خمکده ابواب فیض

Зоҳиди мағруру маҳрӯмии зи файзи оми ид

زاهد مغرور و محرومی ز فیض عام عید

Май расонади не ки моҳи рӯза сомит гашта буд

می رساند نی که ماه روزه صامت گشته بود

Аз лаби мутриб ба гӯши ошиқони пайғоми ид

از لب مطرب به گوش عاشقان پیغام عید

Гашта будам хушк ҳамчун зоҳид аз имсоки савм

گشته بودم خشک همچون زاهد از امساک صوم

Сохт соқӣ тозаам аз ршҳаҳи анъоми ид

ساخت ساقی تازه ام از رشحه انعام عید

Вом кун ҷомӣ ба базми иди ваҷҳ меки ҳаст

وام کن جامی به بزم عید وجه می که هست

Тавқи ҳишмати гардани аҳли карамро воми ид

طوق حشمت گردن اهل کرم را وام عید