Абшрўои ази лоҳ ман наҷад мақомоти алсрўр
ابشروا اذ لاح من نجد مقامات السرور
Манзили слмӣу атлолш намоён шуд зи давр
منزل سلمی و اطلالش نمایان شد ز دور
Боди он рубъу дмн хуш мекунад ҷонро машом
باد آن ربع و دمن خوش می کند جان را مشام
Бар абиру машкаши афтодаи сети пиндории убӯр
بر عبیر و مشکش افتاده ست پنداری عبور
Гӯшаи бурқаъи зи тарафи талъат рахшон кашид
گوشه برقع ز طرف طلعت رخشان کشید
Инак инак зон тарафи ломъи ҳазорон барқи нур
اینک اینک زان طرف لامع هزاران برق نور
Зӯдтари онҷои расонидам ки чун наздик шуд
زودتر آنجا رسانیدم که چون نزدیک شد
Манзили ҷонон дигар мушкили тавон бӯдани сабур
منزل جانان دگر مشکل توان بودن صبور
Ғоиб аз худ ношуда чун пеш ӯ ҳозир шавам
غایب از خود ناشده چون پیش او حاضر شوم
Нест ҷузи ғайбати зи худ сармояи завқи ҳузур
نیست جز غیبت ز خود سرمایه ذوق حضور
Ашки резон май рӯм аммо куҷо ёбад ривоҷ
اشک ریزان می روم اما کجا یابد رواج
Пеши он дарёии ширин чанд қатраи оби шӯр
پیش آن دریای شیرین چند قطره آب شور
Бар дараш ҷомӣ чаҳ хурсандӣ диҳад як рӯзаи тўФ
بر درش جامی چه خرسندی دهد یک روزه طوف
Мо тслиноу луи тФнои илои явми алншўр
ما تسلینا و لو طفنا الی یوم النشور