Гул хушасту иди хуши ваз ҳар ду хуштар васли ёр

گل خوش است و عید خوش وز هر دو خوشتر وصل یار

Хоссаи баъд аз меҳнати ҳиҷрону дарди интизор

خاصه بعد از محنت هجران و درد انتظار

Дар баҳорони ғунчаро дили хурраму хандон буд

در بهاران غنچه را دل خرم و خندان بود

Ғунчаи дил чун дили ғунчаи сети моро ин баҳор

غنچه دل چون دل غنچه ست ما را این بهار

Май намояди лолаи зори ъушрати имсолам ба чашм

می نماید لاله زار عشرت امسالم به چشم

Доғҳои меҳнати даврӣ ки бар дил буд пор

داغهای محنت دوری که بر دل بود پار

Орзӯ дорам ки гирам бар канори кишт май

آرزو دارم که گیرم بر کنار کشت می

эй хуши он дами корзўии хеши гирам дар канор

ای خوش آن دم کارزوی خویش گیرم در کنار

Домани афшон аз ғубори ғам ки аз борон намонад

دامن افشان از غبار غم که از باران نماند

Чун дили аҳли сафо бар домани саҳрои ғубор

چون دل اهل صفا بر دامن صحرا غبار

Об софӣ мекунад дар ҷӯии кори оина

آب صافی می کند در جوی کار آینه

Шоҳиди гул зон кушояди рух ба тарафи ҷӯйбор

شاهد گل زان گشاید رخ به طرف جویبار

Он сеӣ қад гар кунад бар Машҳади ҷомии гузар

آن سهی قد گر کند بر مشهد جامی گذر

Баҳри побӯси вай аз гули срброрди сабзаи вор

بهر پابوس وی از گل سربرآرد سبزه وار