Хаттии сет бар гули рӯяти зи машктар мстўр
خطی ست بر گل رویت ز مشک تر مسطور
Ки боди офати чашми бад аз ҷамоли ту давр
که باد آفت چشم بد از جمال تو دور
Ба малики ҳасани сулаймони туеу лаби хотам
به ملک حسن سلیمان تویی و لب خاتم
Ба гирди хотами ту саф кашида мишкӣни мӯр
به گرد خاتم تو صف کشیده مشکین مور
Хумори чашм ту дорам зи ҷоми лаъли лабат
خمار چشم تو دارم ز جام لعل لبت
Ба як ду ҷуръа бибахшоӣ бар ман махмур
به یک دو جرعه ببخشای بر من مخمور
Ту дар миён ва барои ту ҳар шабии гардон
تو در میان و برای تو هر شبی گردان
Фалак ба гирди замин бо ҳазор машъали нур
فلک به گرد زمین با هزار مشعل نور
Мҷўии шеваи риндони зи шайхи шаҳр ки нест
مجوی شیوه رندان ز شیخ شهر که نیست
зи завқи дрдкшони баҳраи манди масти ғурур
ز ذوق دردکشان بهره مند مست غرور
Ҳарими майкадаи хуши момнии сети кӯи ризвон
حریم میکده خوش مامنی ست کو رضوان
Ки хокрўбии ин дар кунад ба гесуии ҳур
که خاکروبی این در کند به گیسوی حور
Ба даври ъотФт шоҳ мекашад ҷомӣ
به دور عاطفت شاه می کشد جامی
зи ҷоми соқии базми сафои шароби таҳур
ز جام ساقی بزم صفا شراب طهور
Сипеҳри мартабаи султони Абӯсаид ки шуд
سپهر مرتبه سلطان ابوسعید که شد
Сарои малики зи меъмори адл ӯ маъмур
سرای ملک ز معمار عدل او معمور
Садои навбати ҷоҳу ҷалол ӯ бодо
صدای نوبت جاه و جلال او بادا
Дарин муқарнас зангор хӯрд то дами сувар
درین مقرنس زنگار خورد تا دم صور