Гар рӯй ба мардум нанамое чаҳ кунад кас

گر روی به مردم ننمایی چه کند کس

Вари чашм тараҳҳум нагушойӣ чаҳ кунад кас

ور چشم ترحم نگشایی چه کند کس

Ое барам он дам ки шӯй аз ҳамаи фориғ

آیی برم آن دم که شوی از همه فارغ

Он лаҳза агар низ ниёе чаҳ кунад кас

آن لحظه اگر نیز نیایی چه کند کس

Ҳар рӯзи ҷудо аз ту кашами меҳнату дардӣ

هر روز جدا از تو کشم محنت و دردی

Гар дайр кашад дарди ҷудоӣ чаҳ кунад кас

گر دیر کشد درد جدایی چه کند کس

Гуфтӣ ки ҳазар кун зи бало чун ту блоҷўӣ

گفتی که حذر کن ز بلا چون تو بلاجوی

Сар то қадами ошӯбу балое чаҳ кунад кас

سر تا قدم آشوب و بلایی چه کند کس

Чун ҷаъди ту бар домани гул ғолия сояд

چون جعد تو بر دامن گل غالیه ساید

Аз сунбултар ғолияи сое чаҳ кунад кас

از سنبل تر غالیه سایی چه کند کس

Ҳуш ар брбоиӣу хиради сабр тавон кард

هوش ار بربایی و خرد صبر توان کرد

Гар сабри ҳам аз дили брбоиӣ чаҳ кунад кас

گر صبر هم از دل بربایی چه کند کس

Ҷомӣ агар он шӯх наад моидаҳи васл

جامی اگر آن شوخ نهد مایده وصل

Зон хон карами ғайри гадоӣ чаҳ кунад кас

زان خوان کرم غیر گدایی چه کند کس