Зад ба шикархандаи лаълат бар дили ришами намак
زد به شکرخنده لعلت بر دل ریشم نمک
ё ғизоли алҳӣ ё збии алҳмии мо амлҳк
یا غزال الحی یا ضبی الحمی ما املحک
То шудӣ зоҳири бад-ӣни лутфу ҷамоли арбоби дайн
تا شدی ظاهر بدین لطف و جمال ارباب دین
Муттафиқи гаштанд дар тафзили инсон бар малик
متفق گشتند در تفضیل انسان بر ملک
Чун парӣ пинҳон машав эй бе ту бенаии маҳол
چون پری پنهان مشو ای بی تو بینایی محال
Зонка мардумро чу чашмии чашмро чун мардумак
زانکه مردم را چو چشمی چشم را چون مردمک
Нақди ихлоси маро ҳар бори ёбии пок тар
نقد اخلاص مرا هر بار یابی پاک تر
Гар зании сад навбат аз санг ҷафоем бар маҳак
گر زنی صد نوبت از سنگ جفایم بر محک
Мӯҷиб нангаст номами номаи ишқи ту ро
موجب ننگ است نامم نامه عشق تو را
Коши номамро кунад теғи аҷали зини номаи ҳак
کاش نامم را کند تیغ اجل زین نامه حک
Дил яке дорам ману дилбари яке он бахти кӯ
دل یکی دارم من و دلبر یکی آن بخت کو
То бигӯям қиссаи дили пеши дилбари як ба як
تا بگویم قصه دل پیش دلبر یک به یک
Аз фалаки ҷомӣ чаро нолад ки бо ӯ ҳар чаҳ кард
از فلک جامی چرا نالد که با او هر چه کرد
Даври хуршед ҷамолат кард неи даври фалак
دور خورشید جمالت کرد نی دور فلک