Ба масҷидӣ ки хами абрӯии туро нигарем

به مسجدی که خم ابروی تو را نگریم

Намозро бигзорему саҷда ту барем

نماز را بگذاریم و سجده تو بریم

Агар ба кӯии ту моро буд маҷоли гузар

اگر به کوی تو ما را بود مجال گذر

Ба хоки пои ту каз хулду ҳур ӯ гузарем

به خاک پای تو کز خلد و حور او گذریم

Туро чу ҳаст ба ҳоли шикастагони назарӣ

تو را چو هست به حال شکستگان نظری

Ба ҳол мо бингар каз ҳама шикаста тарем

به حال ما بنگر کز همه شکسته تریم

зи дасти Хизр чаҳ суди оби зиндагии мо ро

ز دست خضر چه سود آب زندگی ما را

Агар зи соғари лаъли ту ҷуръа Эй нахӯрем

اگر ز ساغر لعل تو جرعه ای نخوریم

Ба устихонӣ агар чанд ёд мо накунӣ

به استخوانی اگر چند یاد ما نکنی

Ҳазор шукр ки борӣ азон сегон дарем

هزار شکر که باری ازان سگان دریم

Ба меҳр симброним карда чеҳра чу зар

به مهر سیمبرانیم کرده چهره چو زر

На ҳамчуи содаи дилон дар ҳавои сим ва зарем

نه همچو ساده دلان در هوای سیم و زریم

Саги ту дӯш ба ҷомии фиғон кунон ме гуфт

سگ تو دوش به جامی فغان کنان می گفت

Хамӯш бош ки аз нолаи ?ут ба дард сарем

خموش باش که از ناله‌ات به درد سریم