Номи он моҳ надонам з ки номаши пурсам
نام آن ماه ندانم ز که نامش پرسم
Дар дилами сохт мақом аз ки мақомаши пурсам
در دلم ساخت مقام از که مقامش پرسم
Сад сухан бар сар роҳаш кунам андеша вале
صد سخن بر سر راهش کنم اندیشه ولی
Чун расад ҳеҷ надонам зи кадомаши пурсам
چون رسد هیچ ندانم ز کدامش پرسم
Аз гулами сози яке мурғи худоро ки пурм
از گلم ساز یکی مرغ خدا را که پرم
Сӯии мурғону раҳи гӯшаи бомаши пурсам
سوی مرغان و ره گوشه بامش پرسم
Май баради пурсишу пайғоми маниши пайки сабо
می برد پرسش و پیغام منش پیک صبا
эй хуши он рӯз ки бепайку паёмаши пурсам
ای خوش آن روز که بی پیک و پیامش پرسم
Ҳаргизи он сарв ба сӯем нахиромед ба лутф
هرگز آن سرو به سویم نخرامید به لطف
Рӯм аз сарви чамани лутфи хиромаши пурсам
روم از سرو چمن لطف خرامش پرسم
Раҳ бидон донаи хол ар набарам кош диҳад
ره بدان دانه خال ار نبرم کاش دهد
Даст каз ҳоли дили монда ба домаши пурсам
دست کز حال دل مانده به دامش پرسم
Кунад оғози сухан зон лаб мегаван ҷомӣ
کند آغاز سخن زان لب میگون جامی
Ман махмур чу васф майу ҷомаши пурсам
من مخمور چو وصف می و جامش پرسم