Хиштӣ ки рӯзи марги марои зер сар ниҳанд

خشتی که روز مرگ مرا زیر سر نهند

Дорам ҳамин мурод казон хок дар ниҳанд

دارم همین مراد کزان خاک در نهند

Пайкони ту чу сурх шавад зи оташини дилам

پیکان تو چو سرخ شود ز آتشین دلم

Хуши онкии баҳри доғи маро бар ҷигар ниҳанд

خوش آنکه بهر داغ مرا بر جگر نهند

Сад ъқдгўҳр аз мижаи резам чу он дўлб

صد عقدگوهر از مژه ریزم چو آن دولب

Қуфли ақиқ бар дар дарҷ гуҳар ниҳанд

قفل عقیق بر در درج گهر نهند

Ноед яке чу даври хататгар муҳандисон

ناید یکی چو دور خطت گر مهندسان

Бар гули ҳазор доира аз машк тар ниҳанд

بر گل هزار دایره از مشک تر نهند

Дил шуд хароби ишқи ҳамон ба ки ақлу дайн

دل شد خراب عشق همان به که عقل و دین

Зини пас матоъи хеш ба ҷой дигар ниҳанд

زین پس متاع خویش به جای دگر نهند

Бигушо камар дар анҷумани сими соидон

بگشا کمر در انجمن سیم ساعدان

То дастҳо ба хизмати ту бар камар ниҳанд

تا دستها به خدمت تو بر کمر نهند

Ширини лабати мдзди зи ҷомӣ ки нест айб

شیرین لبت مدزد ز جامی که نیست عیب

Гар пеши тӯтӣони сухангӯ шукр ниҳанд

گر پیش طوطیان سخنگو شکر نهند