Надидам аз ду чашмати шӯхтар чашм

ندیدم از دو چشمت شوختر چشم

Баранд аз мардумони дили чашм дар чашм

برند از مردمان دل چشم در چشم

Буд хок дарат кӯҳли саодат

بود خاک درت کحل سعادت

Макун он серумаро зойеъ ба ҳар чашм

مکن آن سرمه را ضایع به هر چشم

Маро бо гиряи андӯҳ кор аст

مرا با گریه اندوه کار است

з ашк шодем кам гаштатар чашм

ز اشک شادیم کم گشته تر چشم

Гули раънои ин боғӣ чаҳ дорӣ

گل رعنای این باغی چه داری

Чу наргис аз хасон бар симу зари чашм

چو نرگس از خسان بر سیم و زر چشم

Ба хилватгоҳи дил чун мекунӣ ҷой

به خلوتگاه دل چون می کنی جای

з мижгон мекунад мсмор дар чашм

ز مژگان می کند مسمار در چشم

Ба умеди нисор мақдам туаст

به امید نثار مقدم توست

Ки дорад доманамро пари гуҳари чашм

که دارد دامنم را پر گهر چشم

Агар як чашми ҷомиро ба тирӣ

اگر یک چشم جامی را به تیری

Бидӯзӣ пеш он дорад дигар чашм

بدوزی پیش آن دارد دگر چشم