Ма ки аз хиҷлати он шамъ шакарлаб бигурехт
مه که از خجلت آن شمع شکرلب بگریخت
То ки расво нашавад рӯз шбошб бигурехт
تا که رسوا نشود روز شباشب بگریخت
Монеъи мурғи дил аз тўФ дараш қолаб буд
مانع مرغ دل از طوف درش قالب بود
Бол ҳиммат зад ва аз суҳбат қолаб бигурехт
بال همت زد و از صحبت قالب بگریخت
Доман аз мо ба мулоқоти рақибони дрчид
دامن از ما به ملاقات رقیبان درچید
Беадаб буд зи ёрон мؤдб бигурехт
بی ادب بود ز یاران مؤدب بگریخت
Зон табибам шудаи бемор ки беморон ро
زان طبیبم شده بیمار که بیماران را
Дард сар рафт зи дидори вай ва таб бигурехт
درد سر رفت ز دیدار وی و تب بگریخت
Ном дар Мисри муҳаббат ба азизяш нарафт
نام در مصر محبت به عزیزیش نرفت
Ҳар киро Юсуфи дил зон чаҳ ғабғаб бигурехт
هر که را یوسف دل زان چه غبغب بگریخت
Тоби хуршеди ҷҳонтоб кӣ оради девӣ
تاب خورشید جهانتاب کی آرد دیوی
Ки шаби тираи зи рхшидн кавкаб бигурехт
که شب تیره ز رخشیدن کوکب بگریخت
Шаб ки ё раб задам аз ҳиҷри ту то кангари арш
شب که یا رب زدم از هجر تو تا کنگر عرش
Мурғи боми фалак аз новак ёрб бигурехт
مرغ بام فلک از ناوک یارب بگریخت
Буд бар рӯй мусаббиби зи мусаббиби парда
بود بر روی مسبب ز مسبب پرده
Ҷомӣ аз шавқи мусаббиби з мусаббиб бигурехт
جامی از شوق مسبب ز مسبب بگریخت