Умрии дили ман зи шавқ ёқӯб тапид

عمری دل من ز شوق یعقوب تپید

Ёқӯб бирафт ва рӯй ёқӯб надид

یعقوب برفت و روی یعقوب ندید

Ранҷӣ ки ба ман аз ғам ёқӯб расед

رنجی که به من از غم یعقوب رسید

Ҳаргизи ёқӯб аз ғам Юсуф накашид

هرگز یعقوب از غم یوسف نکشید