Марост аз таби ишқи ту ҷони отшнок
مراست از تب عشق تو جان آتشناک
Ҳабибии анати табибии влои табиби сўок
حبیبی انت طبیبی ولا طبیب سواک
Чаҳ суди сӯфии моро риояти суннат
چه سود صوفی ما را رعایت سنت
Чу ҳирси луқмаи набард аз даҳон ӯ мисвок
چو حرص لقمه نبرد از دهان او مسواک
Куҷо ба водӣ ваҳдат расад ба нълинӣ
کجا به وادی وحدت رسد به نعلینی
Ки бастааст барон аз дўоли ширки шрок
که بسته است برآن از دوال شرک شراک
Ба покдомании ту , ба поки чашмии ман
به پاکدامنی تو، به پاک چشمی من
Ки кардаам дилу ҷонро зи майли ғайри ту пок
که کرده ام دل و جان را ز میل غیر تو پاک
Марои бас анкаҳ шавам кушта дар кшоргҳт
مرا بس انکه شوم کشته در کشارگهت
Мабод аз серуми олоишии барони фитрок
مباد از سرم آلایشی برآن فتراک
Танами фитода ба раҳи лоғари устихонӣ буд
تنم فتاده به ره لاغر استخوانی بود
Каш аз карами саги мӯӣ ту барграфт зи хок
کش از کرم سگ موی تو برگرفت ز خاک
Ба аҷзи мӯътарифи ои ҷомӣ аз ҳақиқати ишқ
به عجز معترف آ جامی از حقیقت عشق
Ки ҳаст аҷзи зи идроки ғояти идрок
که هست عجز ز ادراک غایت ادراک