эй хоки таҳи кафши ту кӯҳли басари мо
ای خاک ته کفش تو کحل بصر ما
Кафшӣ ки занӣ бар сари мо тоҷи сармо
کفشی که زنی بر سر ما تاج سرما
намекун ба хабари пурсӣ мо ранҷаи лаби хеш
می کن به خبر پرسی ما رنجه لب خویش
Зон пеш ки пурсӣ ва наёбӣ хабари мо
زان پیش که پرسی و نیابی خبر ما
Пеш аз ҳарами каъба ба кӯй ту раседем
پیش از حرم کعبه به کوی تو رسیدیم
Кӯтоҳ шуд алмнаҳи ллаҳи сФрмо
کوتاه شد المنة لله سفرما
Сайли мижа аз кӯии ту хӯни дили мо шаст
سیل مژه از کوی تو خون دل ما شست
Онҷо напасандед ки монад асари мо
آنجا نپسندید که ماند اثر ما
Домани ҳамаи пари доғ буд хирқаи мо ро
دامن همه پر داغ بود خرقه ما را
Зон хӯн ки чакидаи сети зи доғи ҷигари мо
زان خون که چکیده ست ز داغ جگر ما
Зошку рухи мо дар раҳи худ пои кашии боз
زاشک و رخ ما در ره خود پای کشی باز
Пеши ту кам аз хок буд симу зари мо
پیش تو کم از خاک بود سیم و زر ما
Резем ба пои ту дар назм чу ҷомӣ
ریزیم به پای تو در نظم چو جامی
Овезаи гӯш ту нишоед гуҳари мо
آویزه گوش تو نشاید گهر ما