Чин дар ҷабин фиканда гузаштӣ ба сӯии ман

چین در جبین فکنده گذشتی به سوی من

Занҷир кардае дар раҳмат ба рӯй ман

زنجیر کرده ای در رحمت به روی من

Аз захми нохунами тан лоғар шуд устихон

از زخم ناخنم تن لاغر شد استخوان

Боз окаҳ шуд сифеди зи ҳиҷри ту мӯии ман

باز آکه شد سفید ز هجر تو موی من

Буд орзӯии хотири ман хат бар он изор

بود آرزوی خاطر من خط بر آن عذار

Гардун броб зад рақами орзӯии ман

گردون برآب زد رقم آرزوی من

Рӯзӣ ки чархи зи обу гули ман сабу кунад

روزی که چرخ ز آب و گل من سبو کند

Хоҳад шикасти санги ҷафояти сабуии ман

خواهد شکست سنگ جفایت سبوی من

Ҳаргиз наёфтам ба ту раҳ гарчи дар раҳат

هرگز نیافتم به تو ره گرچه در رهت

Сад бор суда шуд қадами ҷусту ҷӯии ман

صد بار سوده شد قدم جست و جوی من

Ху кардаам ба ҳар чаҳ зи хуй ту ме расад

خو کرده ام به هر چه ز خوی تو می رسد

Хуй ту ҳаст ҷаври вбри он сабри хуии ман

خوی تو هست جور وبر آن صبر خوی من

Ҷомии шикасти калаки китобат чу хатм шуд

جامی شکست کلک کتابت چو ختم شد

Бар васфи нави хаттӣ варақ гуфту гӯии ман

بر وصف نو خطی ورق گفت و گوی من