Нома навиштам ба дилрабои худ аз Қум

نامه نوشتم به دلربای خود از قم

К-эии бути ширини сухани саломи алайкум

کای بت شیرین‌سخن سلام علیکم

Дар Қум аз рай ба тумтароқ задам тахт

در قم از ری به طمطراق زدم تخت

Лек ба язди ин ду рӯза май расм аз Қум

لیک به یزد این دو روزه می‌رسم از قم

Мардуми чашмами зи Ямани хизмати хусрав

مردمِ چشمم ز یُمنِ خدمتِ خسرو

Нанигарад аз кибр бар маорифи мардум

ننگرد از کبر بر معارف مردم

Пои сарири шаҳ аз сухан ба адӣбон

پای سریر شه از سخن به ادیبان

Фарқ ман омад сазои тоҷи тслм

فرق من آمد سزای تاج تسلم

Шоди зӣ эй ма ки чун зира расм ояд

شاد زی ای مه که چون زره رسم آید

Тишу тأлми бадал ба айшу тнъм

طیش و تألّم بدل به عیش و تنعّم

Лек нёўрдмти туҳафи зи латоиф

لیک نیاوردمت تحف ز لطایف

Кончаҳ биорам туро бар ӯст тақаддум

کآنچه بیارم تو را بر اوست تقدم

Қоқми баҳр ту оварам ба чаҳ Зуҳра

قاقم بهر تو آورم به چه زهره

Котлси андом туаст ғайрати қоқм

کاطلس اندام تو است غیرت قاقم

Мурсала дар даҳуми туро ба чаҳ ёро

مرسله در دهم تو را به چه یارا

Корди лаълати гуҳар ба гоҳи такаллум

کآرد لعلت گهر به گاه تکلم

Миннати хумори ҳам наме кашами имсол

منت خمار هم نمی‌کشم امسال

Резами ангури худ зи баҳри ту дар хам

ریزم انگور خود ز بهر تو در خُم

Вази хам орм меӣ ки дар маи соғар

وز خم آرم میی که در مه ساغر

Гӯйӣ шамсаст ё усораи анҷум

گویی شمس است یا عصارهٔ اَنجُم

Нақсӣ агар фии алмисл ба корами боқии сет

نقصی اگر فی المثل به کارم باقی‌ست

Май барам ӣнҷо ба назд хоҷаи тазаллум

می‌برم اینجا به نزد خواجه تظلّم

Сибти паямбари ҳусайни номи ҳасани халқ

سبط‌پیمبر حسین‌نام حسن‌خلق

Аввали мамлуки ахти қиблаи ҳафтум

اول مملوک اخت قبلهٔ هفتم

Пеши кафи род ӯ гадои маъдан

پیش کف راد او گدایی معدن

Бо дили зхор ӯ фақирии қулзум

با دلِ زخّار او فقیریِ قلزم

Ҳам гуҳараш таййибаст аз аб бар аб

هم گهرش طیّب است از اب برِ اب

Ҳам садафаш тоҳираст азам бар ам

هم صدفش طاهر است از ام برِ ام

Дар фар ва иҷлол гуяд ар лмни алмалик

در فر و اجلال گوید ار لِمَنُ الْمُلک

Чарх сарояд ки қади икўни лأнтм

چرخ سراید که قَد یَکونُ لَأنتُم

Ҷадаши рухи тофтаи з хирман ҳастӣ

جدش رخ تافته ز خرمن هستی

Нагузашт одам агар зи хӯшаи гандум

نگذشت آدم اگر ز خوشهٔ گندم

Дар яке аз тангтар аволими фазлаш

در یکی از تنگ‌تر عوالم فضلش

На фалаки паҳнаи вар чу ҳалқа шавад гум

نُه فلکِ پهنه‌ور چو حلقه شود گم

Тахти маӣ то задааст бахташ дар малик

تخت مهی تا زده است بختش در ملک

Нест ба тахти шаҳони маконати ҳизум

نیست به تخت شهان مکانت هیزم

Як майл аз арзи ҷоҳ ӯ накунад тай

یک میل از ارض جاه او نکند طی

Хинги фалакгар ба соҳаташ фиканд сам

خنگ فلک گر به ساحتش فکند سم

Мейро бар ман нигар ки булбули табъам

میرا بر من نگر که بلبل طبعم

Омада бар шохи мадҳи ту ба тараннум

آمده بر شاخ مدح تو به ترنّم

Гуфта Ҷайҳун гузин на ғайр ки дар шаръ

گفته جیحون گزین نه غیر که در شرع

Бошад то об ботиласт таяммум

باشد تا آب باطل است تیمّم

То ки баҳри ма дар ин дувоздаҳ манзар

تا که بهر مه در این دوازده منظر

Як бор ояд қамар ба ҷониби каждум

یک بار آید قمر به جانبِ کژدم

Душман аз зумуррадин ъамомаи ту кӯр

دشمن از زمردین عمامهٔ تو کور

Гар ҳамаи тан афъӣаст аз дам то дам

گر همه تن افعی است از دم تا دم