Фарқи ду ҷаҳон ёфт змилоди набии тоҷ
فرق دو جهان یافت ز میلاد نبی تاج
Вази бонги балоли тараб андӯҳ шуд ихроҷ
وز بانگ بلال طرب اندوه شد اخراج
Рафт аФсркФр аз фари исломи бтороҷ
رفت افسر کفر از فر اسلام به تاراج
эй тарки ман эй Зуҳра заҳрот диҳад боҷ
ای ترک من ای زهره زهرات دهد باج
Ваии турраи ту нофаи гушои шаби миъроҷ
وی طره تو نافه گشای شب معراج
Май даҳ ки расад мавкиби мавлуди Муҳамад
می ده که رسد موکب مولود محمد
эй пеши накӯи чеҳраи ту ҳури биҳиштӣ
ای پیش نکو چهره تو حور بهشتی
Пӯшади бстбрқи Рахш аз хиҷлати зиштӣ
پوشد به ستبرق رخش از خجلت زشتی
Ҳасанати Ирами ?маккейу фирдавси кнштӣ
حسنت ارم مکی و فردوس کنشتی
Тӯбои зқдт вом кунад поки сириштӣ
طوبی ز قدت وام کند پاک سرشتی
Зон кавсар май ори марои киштии киштӣ
زان کوثر می آر مرا کشتی کشتی
КоФоқ шуд имрӯз ба азхлди мухиллад
کآفاق شد امروز به از خلد مخلد
эй зодаи нуқраи танат аз софии унсур
ای زاده نقره تنت از صافی عنصر
Зангори салби ҳуққаи шнҷрФи ту пар дар
زنگار سلب حقه شنجرف تو پر در
Гирди раҳати эксири миси аҳли табаҳҳур
گرد رهت اکسیر مس اهل تبحر
Набӯд брхи талқии ту тоби тасаввур
نبود به رخ طلقی تو تاب تصور
Ҳали гашт кунун уқдаи дайни рӯи бтшкр
حل گشت کنون عقده دین رو به تشکر
Маҳлӯл зар андоз бсимоби мъқд
محلول زر انداز به سیماب معقد
Аз соҳати гулзори аёни ҷинати мавъӯд
از ساحت گلزار عیان جنت موعود
Дар ҳанҷараи мурғи ниҳони нағмаи Довӯд
در حنجرهٔ مرغ، نهان نغمه داود
Шуд масти магари булбул аз ин ҷилваи мақсӯд
شد مست مگر بلبل از این جلوه مقصود
Кӯи қофия аз даст диҳад дар задан равад
کو قافیه از دست دهد در زدن رود
Ин буии гул аз чист чунин фарруху Маҳмӯд
این بوی گل از چیست چنین فرخ و محمود
Гар об нахурда зхўии чеҳраи Аҳмад
گر آب نخورده ز خوی چهره احمد
эй уммии донанда ҳар илми кмоҳӣ
ای امی داننده هر علم کماهی
Дар фақри ило аллоҳ задае сиккаи шоҳӣ
در فقر الی الله زدهای سکه شاهی
Фарқаши зФри афсари лўлоки мбоҳӣ
فرقش ز فر افسر لولاک مباهی
Дар олам қудсаш набӯд номи тноҳӣ
در عالم قدسش نبود نام تناهی
Бо он ҳамаи ташрифи ъаноёти илоҳӣ
با آن همه تشریف عنایات الهی
Дар олами таҷред чу ӯ нест муҷаррад
در عالم تجرید چو او نیست مجرد
Дар ҷамъи русули мштҳр аз Сайиди мутлақ
در جمع رسل مشتهر از سید مطلق
Яъне ҳамаро ҳастӣ аз ӯ гашта муҳаққиқ
یعنی همه را هستی از او گشته محقق
Дар мазраъаи қудраташи афлоки мтбқ
در مزرعه قدرتش افلاک مطبق
Камтар буд андари назар аз донаи ҷўзқ
کمتر بود اندر نظر از دانه جوزق
Он хоҷаи кунин ки аз бандагии ҳақ
آن خواجه کونین که از بندگی حق
Шуд бндгиши мояи иҷлоли мӯбад
شد بندگیش مایه اجلال مؤبد
Аз оби бақо Хизр зад он ратли гиромӣ
از آب بقا خضر زد آن رطل گرامی
Гази хок дараш ёфт хати пераи ғуломӣ
گز خاک درش یافت خط پیر، غلامی
Дар ҳеҷ паямбари зи барозандаи мақомӣ
در هیچ پیمبر ز برازنده مقامی
Ёрои нутқ нест дар он ҳазрати сомӣ
یارای نطق نیست در آن حضرت سامی
Пари ғайбу шуҳуд аз вай ва ин мардуми омӣ
پر غیب و شهود از وی و این مردم عامی
То зиндаи пай ӯ басӯии гунбаду марқад
تا زنده پی او به سوی گنبد و مرقد
эй онкии зулоли ҳммти гирди злли шаст
ای آنکه زلال هممت گرد ذلل شست
Аз ту гули тавҳиди з дилҳои амам раст
از تو گل توحید ز دلهای امم رُست
Бишуморам агар воҷибат ин гуфта буд суст
بشمارم اگر واجبت این گفته بود سست
Вргўими мумкини лақаби саъди нуҳуми баст
ور گویم ممکن لقب سعد نهم بُست
Ту дарҳамаи оламу олами ҳама дар тест
تو در همهٔ عالم و عالم همه در تست
Маҳмӯд буд мумкину зоти ту балои ҳад
محمود بود ممکن و ذات تو بلاحد