намекунам дар синаи пинҳони оҳ дард олуд ро

می کنم در سینه پنهان آه درد آلود را

Оташи мо дар гиреҳ чун лола дорад дӯд ро

آتش ما در گره چون لاله دارد دود را

Рўндодаҳи ҳасани шӯхаши хати машкандӯд ро

رونداده حسن شوخش خط مشک اندود را

Бо вуҷӯди онкӣ лозим дорад оташи дӯд ро

با وجود آنکه لازم دارد آتش دود را

Барги барги ғунча бо сад трзбонӣ гуфта аст

برگ برگ غنچه با صد ترزبانی گفته است

Вошдн бошад зи паии дилҳои хӯн олуд ро

واشدن باشد ز پی دلهای خون آلود را

наме тавон дар ошиқӣ дидани айёри марди кор

می توان در عاشقی دیدن عیار مرد کار

Сӯхтани айбу ҳунари зоҳири намояди авд ро

سوختن عیب و هنر ظاهر نماید عود را

Ихтиёрӣ нест гулро дар зар афшодан ба хок

اختیاری نیست گل را در زر افشاندن به خاک

Кӣ парешоне тавонад гашти монеъи ҷӯад ро

کی پریشانی تواند گشت مانع جود را

Ташнаи ҷом майам соқии магар лутфат кунад

تشنهٔ جام می ام ساقی مگر لطفت کند

Сояи афкан бар серуми он ахтари масъӯд ро

سایه افکن بر سرم آن اختر مسعود را

ё алии гӯ то зи файзи ном ӯ ёбад зи ғайб

یا علی گو تا ز فیض نام او یابد ز غیب

Ин ғазали ҷӯёи хитоби оқибати Маҳмӯд ро

این غزل جویا خطاب عاقبت محمود را