Буд ду наргиси он шӯх бе тҳошии мо
بود دو نرگس آن شوخ بی تحاشی ما
зи ҷунбиши мижа дар кори дилхарошии мо
ز جنبش مژه در کار دلخراشی ما
Ба наргиси ту ки биҳуши соғар ноз аст
به نرگس تو که بیهوش ساغر ناز است
Асар накард гулоби ниёзи пошии мо
اثر نکرد گلاب نیاز پاشی ما
Ҷунуни мо намаки шӯри сад қиёмат шуд
جنون ما نمک شور صد قیامت شد
зи воъизон ки нишастанд дар ҳавошии мо
ز واعظان که نشستند در حواشی ما
Марои з ришта оҳаст тору пуди вуҷӯд
مرا ز رشتهٔ آهست تار و پود وجود
Дигар чаҳ ҳарф касеро ба хуши қумошии мо
دگر چه حرف کسی را به خوش قماشی ما
Дил аз хаёл тасаллӣ намешавад ҷӯё
دل از خیال تسلی نمی شود جویا
Ба кор каъба наёяд санами тарошии мо
به کار کعبه نیاید صنم تراشی ما