Печу тоб ғам фазояд инбисоти мард ро
پیچ و تاب غم فزاید انبساط مرد را
Дили тпидни даст глбозаст ошиқи дард ро
دل طپیدن دست گلباز است عاشق درد را
Ҳар ки танро дӯст дорад душмани ҷон худ аст
هر که تن را دوست دارد دشمن جان خود است
Ба ки афшонии зи домони зиллати ин гирд ро
به که افشانی ز دامان ذلت این گرد را
Пушт ва рӯй кори худ бо чашми ибрат дида аст
پشت و روی کار خود با چشم عبرت دیده است
Чун гул раъно нахоҳад онкии сурху зард ро
چون گل رعنا نخواهد آنکه سرخ و زرد را
Имтиёзи аҳли таҷаррудро буд аз касри нафас
امتیاز اهل تجرد را بود از کسر نفس
Нашкананд арбоби дафтари гӯша ҳар фард ро
نشکنند ارباب دفتر گوشهٔ هر فرد را
Ҳосилии ҷӯёи зи сарду гарм олам барнадошт
حاصلی جویا ز سرد و گرم عالم برنداشت
Ҳар ки напасандед ашки гарму оҳи сард ро
هر که نپسندید اشک گرم و آه سرد را