Дар ғами шоҳи шаҳидони зор мебояд гирист

در غم شاه شهیدان زار می باید گریست

Рӯзу шаб бо дидаи хўнбор мебояд гирист

روز و شب با دیدهٔ خونبار می باید گریست

намекунад ағёри манъи гиря дар ёди ҳусайн

می کند اغیار منع گریه در یاد حسین

Ғами ду чандон шуд кунун бисёр мебояд гирист

غم دو چندان شد کنون بسیار می باید گریست

Саҳл бошадгар канорат тар шуд аз ҷӯши сиришк

سهل باشد گر کنارت تر شد از جوش سرشک

Хӯни дили ҳам ранги дрёбор мебояд гирист

خون دل هم رنگ دریابار می باید گریست

Ҳамчуи он зарфи сафолинӣ ки нам берун диҳад

همچو آن ظرف سفالینی که نم بیرون دهد

Бо ҳамаи аъзо дар ин ғами зор мебояд гирист

با همه اعضا در این غم زار می باید گریست

Кӣ тавонад чашмтар обӣ занад бар оташам

کی تواند چشم تر آبی زند بر آتشم

Бо дилӣ аз хӯни ғами саршор мебояд гирист

با دلی از خون غم سرشار می باید گریست

Кам набӯд ин фитна каз ваии зод бар рӯй замин

کم نبود این فتنه کز وی زاد بر روی زمین

Модари айёмро бисёр мебояд гирист

مادر ایام را بسیار می باید گریست

Ҳамчунон каз ғунчаҳо ҷӯё фитад шабнами бхок

همچنان کز غنچه ها جویا فتد شبنم بخاک

Ҳар саҳаргаҳ бо дили аФгор мебояд гирист

هر سحرگه با دل افگار می باید گریست