эй Хизр ҳар ки масти шароби ҷунун буд
ای خضر هر که مست شراب جنون بود
Ҳошо ки дар мтобъти раҳнамӯн буд
حاشا که در متابعت رهنمون بود
Давр аз ту зарраи зарраи ман душмани ҳманд
دور از تو ذره ذرهٔ من دشمن همند
Савҳони устихони танами мавҷи хӯн буд
سوهان استخوان تنم موج خون بود
Ҷоми фалак тиҳӣаст мудом аз май мурод
جام فلک تهی است مدام از می مراد
Ёрб ки то ба ҳашари чунин сарнигӯн буд
یارب که تا به حشر چنین سرنگون بود
Гуё ҳароми боди ғами олам ар хӯрем
گویا حرام باد غم عالم ار خوریم
Моро ки дар пиёла май лългўн буд
ما را که در پیاله می لعلگون بود