Чашми махмури ту чун бозори саҳбои бишиканад
چشم مخمور تو چون بازار صهبا بشکند
Аз шикасти ранг май тарсам ки минои бишиканад
از شکست رنگ می ترسم که مینا بشکند
Мавҷи софи лългўн , дар соғари заррин ӯ
موج صاف لعلگون، در ساغر زرین او
Хор дар пероҳани гулҳои раънои бишиканад
خار در پیراهن گلهای رعنا بشکند
То шавад устод аз он андоми таври ҷилва ро
تا شود استاد از آن اندام طور جلوه را
Сарви зонуи пеши он шамшоди болои бишиканад
سرو زانو پیش آن شمشاد بالا بشکند
Ҳар сари мавз каз биногваши ту сар берун кунад
هر سر موز کز بناگوش تو سر بیرون کند
Як гулистони хори ҳасрат дар дили мо бишиканад
یک گلستان خار حسرت در دل ما بشکند
Дар ҳарими васл ӯ аз судани мижгон ба ҳам
در حریم وصل او از سودن مژگان به هم
Хорҳо дар чашми арбоби тамошои бишиканад
خارها در چشم ارباب تماشا بشکند
Бахти байн ! корд ба даст ар лолаи ҷомӣ дар чаман
بخت بین! کآرد به دست ار لاله جامی در چمن
Косаи бадномӣ ӯ бар сари мо бишиканад
کاسهٔ بدنامی او بر سر ما بشکند
Аз нами ашки надомати соз чун тори ҳарир
از نم اشک ندامت ساز چون تار حریر
Гар туро дар пои дили хори таманнои бишиканад
گر ترا در پای دل خار تمنا بشکند
Маст май аз бскаҳи шӯхи афтодаи ҷӯё давр нест
مست می از بسکه شوخ افتاده جویا دور نیست
Шишаи рангам агар дар базми саҳбои бишиканад
شیشهٔ رنگم اگر در بزم صهبا بشکند