Дил аз каф рафт бдгўро зи кулуфт дар вуфӯри занг

دل از کف رفت بدگو را ز کلفت در وفور زنگ

Хӯрд фӯлодро созад чу нохуни банди мӯри занг

خورد فولاد را سازد چو ناخن بند مور زنگ

Фалакро ҳаст дар болои дуӣ зинати змҳру ма

فلک را هست در بالا دوی زینت زمهر و مه

Балии шотири баланд овоза мегардад зи шӯри занг

بلی شاطر بلند آوازه می گردد ز شور زنگ

Кудурати мардро охири забун хеш ме созад

کدورت مرد را آخر زبون خویش می سازد

Бипечадгар буд сарпанҷа аз фӯлоди зӯри ранг

بپیچد گر بود سرپنجه از فولاد زور رنگ

Шавад аз кӣнаи дил дар гирди кулуфти оқибати пинҳон

شود از کینه دل در گرد کلفت عاقبت پنهان

Сияҳ гардад чу бар ойӣнаи зӯри оради вуфӯри занг

سیه گردد چو بر آیینه زور آرد وفور زنگ

Бсди шухии диламро баради ҷӯёи мисра гуё

بصد شوخی دلم را برد جویا مصرع گویا

Сулаймонӣ кунад дар олами ойӣнаи мӯри занг

سلیمانی کند در عالم آیینه مور زنگ