Бӯсии зи кунҷи лаъли лабаш интихоб кун
بوسی ز کنج لعل لبش انتخاب کن
Худро ба оннигор мусоҳиб шароб кун
خود را به آن نگار مصاحب شراب کن
Бисёр бастааст зи ҳасани сафо ба хеш
بسیار بسته است ز حسن صفا به خویش
Ойӣнаро ба оташи рухсор об кун
آیینه را به آتش رخسار آب کن
Башикан ба чеҳраи дастӣ май гӯшаи ниқоб
بشکن به چهره دستی می گوشهٔ نقاب
Хӯни ҷигар ба ҷоми ма ва офтоб кун
خون جگر به جام مه و آفتاب کن
Бетоқатӣ басаст турои болу пар чу мавҷ
بی طاقتی بس است ترا بال و پر چو موج
Осӯдагии мҷўӣ дило изтироб кун
آسودگی مجوی دلا اضطراب کن
Май бар забони зи суҳбати дунон фитода аст
می بر زبان ز صحبت دونان فتاده است
Зинҳор аз мусоҳиби бад иҷтиноб кун
زنهار از مصاحب بد اجتناب کن
Ин уқдаҳо ки дар дилами афкандае ба ноз
این عقده ها که در دلم افکنده ای به ناز
Золим ба кори турраи пурпеч ва тоб кун
ظالم به کار طرهٔ پرپیچ و تاب کن
Шероза то набохтаи маҷмӯъаи вуҷӯд
شیرازه تا نباخته مجموعهٔ وجود
Башикан зи ғами дилат , варақӣ интихоб кун
بشکن ز غم دلت، ورقی انتخاب کن
Ҷӯёи марои зи ман ба намаки чаш гирифта аст
جویا مرا ز من به نمک چش گرفته است
Ҳасани бириштаи дили мардум кабоб кун
حسن برشتهٔ دل مردم کباب کن