Зиҳии хуҷаста беоне ки бол шӯҳрат ёфт

زهی خجسته بیانی که بال شهرت یافت

зи ҷунбиши ду лабати гоҳи нутқи мурғи сухан

ز جنبش دو لبت گاه نطق مرغ سخن

Ба аҳди нури замирати зи партави хуршед

به عهد نور ضمیرت ز پرتو خورشید

Ғубори орад ҳар рӯзи дидаи равзан

غبار آرد هر روز دیدهٔ روزن

Збҳри онкӣ сафо гирад аз замирати вом

زبهر آنکه صفا گیرد از ضمیرت وام

з кӯҳсор шавад оинаи ҷилои ватан

ز کوهسار شود آینه جلای وطن

Насими халқи ту бар гулистони вазид ки нест

نسیم خلق تو بر گلستان وزید که نیست

Зғнчаҳи фарқӣ то нофаи ғизоли хутан

زغنچه فرقی تا نافهٔ غزال ختن

Чароғи лолау гул дар хазони биФрўзд

چراغ لاله و گل در خزان بیفروزد

зи чарби нармии халқ ту ёбад ар равған

ز چرب نرمی خلق تو یابد ار روغن

Хдиўи кишвари дилҳо ба ҳасани халқи туе

خدیو کشور دلها به حسن خلق تویی

Чунонкӣ бошад дили подшоҳи малики бадан

چنانکه باشد دل پادشاه ملک بدن

Шамеми ғунчаи з фонӯс ме шунидандӣ

شمیم غنچه ز فانوس می شنیدندی

Абири халқи ту аФшондӣ ар ба пероҳан

عبیر خلق تو افشاندی ار به پیراهن

Забуни тести бурузи мулоимати хасмат

زبون تست بروز ملایمت خصمت

Балии з об шавад беш ҳадати оҳан

بلی ز آب شود بیش حدت آهن

Сухани шиносон бемаънӣӣ наме донанд

سخن شناسان بی معنیی نمی دانند

Хитобат онкӣ нагунҷад ба баҳри қитъаи ман

خطابت آنکه نگنجد به بحر قطعهٔ من

Чунон баланд буд ном наАМИТ ба ҷаҳон

چنان بلند بود نام نامیت به جهان

Ки кӯтаҳӣаст бар андом ӯ либоси сухан

که کوتهی است بر اندام او لباس سخن

Ба рӯзи маърака аз фарти ҷавҳари зотӣ

به روز معرکه از فرط جوهر ذاتی

Зании бараҳна чу шамшер бар сафи душман

زنی برهنه چو شمشیر بر صف دشمن

зи бори миннати ҷавшан ҳамеша озодӣ

ز بار منت جوشن همیشه آزادی

Туро ки номи ту кофӣаст баҳри ҳрзи бадан

ترا که نام تو کافی است بهر حرز بدن

зи барқи шуълаи шамшери меҳри тимсолат

ز برق شعلهٔ شمشیر مهر تمثالت

Адуии ҷоҳи ту осӯдаи зери абри кафан

عدوی جاه تو آسوده زیر ابر کفن

Чу меҳри панҷаи ?ут аз бскаҳи гарм зрпошӣ аст

چو مهر پنجه ات از بسکه گرم زرپاشی است

зи дашти кӯҳ ба пешати бгстрди доман

ز دشت کوه به پیشت بگسترد دامن

Гул аз хазонаи ҷӯади ту соҳиб зар шуд

گل از خزانهٔ جود تو صاحب زر شد

зи абри дасти атоят ниҳол гашта чаман

ز ابر دست عطایت نهال گشته چمن

Агар набӯдӣ ҷӯади ту иллати ғое

اگر نبودی جود تو علت غایی

Садаф ба гавҳар ҳаргиз намешуд обистан

صدف به گوهر هرگز نمی شد آبستن

Ту он Карими нажодӣ ки сари буруни орад

تو آن کریم نژادی که سر برون آرد

Ба шавқи дасти атояти ҷавоҳир аз маъдан

به شوق دست عطایت جواهر از معدن

зи бими шаҳнаи адли ту партави хуршед

ز بیم شحنهٔ عدل تو پرتو خورشید

Ба хонае натавонад фитод аз равзан

به خانه ای نتواند فتاد از روزن

Ҳамин на баҳри зи гирдоби дам ба худ варзед

همین نه بحر ز گرداب دم به خود ورزید

Кашида кӯҳи зи бими ту пой дар доман

کشیده کوه ز بیم تو پای در دامن

Гудози ҳайбати қаҳри ту лаълро дар кон

گداز هیبت قهر تو لعل را در کان

Равон кунад ба раги санги ҳамчуи хӯн ба бадан

روان کند به رگ سنگ همچو خون به بدن

зи тунди боди фанои домани ҳимояти ту

ز تند باد فنا دامن حمایت تو

Чароғи давлату иқболро буд момн

چراغ دولت و اقبال را بود مامن

Чу чиди панҷаи қаҳрат бисот нарад набард

چو چید پنجهٔ قهرت بساط نرد نبرد

Бурузи маърака бо хасми офияти душман

بروز معرکه با خصم عافیت دشمن

зи шшпр ту набошад аҷаби адуии туро

ز ششپر تو نباشد عجب عدوی ترا

Агар ба шшпри афтодаи муҳраи гардан

اگر به ششپر افتاده مهرهٔ گردن

Мудоми соқии қаҳрат ба косаи сари хасм

مدام ساقی قهرت به کاسهٔ سر خصم

зи оби теғи бирезади шароби мрдоФкн

ز آب تیغ بریزد شراب مردافکن

зи бас ба давр ту омаст хўшдлӣу нишот

ز بس به دور تو عامست خوشدلی و نشاط

Даҳони хандаи зи гули пой то сараст чаман

دهان خنده ز گل پای تا سر است چمن

Нишоти мавсими Урдӣбиҳишту фарвардин

نشاط موسم اردیبهشت و فروردین

Ба аҳди хуррамии тест бо дайу баҳман

به عهد خرمی تست با دی و بهمن

Касе намонда ки бошад ба қайди ғами имрӯз

کسی نمانده که باشد به قید غم امروز

Ба ғайри ман ки асирам бигӯ на гӯнаи мҳн

به غیر من که اسیرم بگو نه گونه محن

Касе наме шунӯди буии хуррамии ҳаргиз

کسی نمی شنود بوی خرمی هرگز

Ба ранги ғунчаи шохи шикаста аз дили ман

به رنگ غنچهٔ شاخ شکسته از دل من

Шикастаи хотирам аз баси з кам аноятят

شکسته خاطرم از بس ز کم عنایتیت

На мондааст дили фикр ва на забони сухан

نه مانده است دل فکر و نه زبان سخن

Дилами чунин ки саросема гаштааст аз ғам

دلم چنین که سراسیمه گشته است از غم

зи баъд ҷурм надонам чаҳ боядам гуфтан

ز بعد جرم ندانم چه بایدم گفتن

Мудоми панҷа бе тоқатем зини андӯҳ

مدام پنجهٔ بی طاقتیم زین اندوه

Рисондаи чоки гиребон чу ғунча то доман

رسانده چاک گریبان چو غنچه تا دامن

Маро ки лутфи туам баргирифтааст аз хок

مرا که لطف توام برگرفته است از خاک

Умедами онкӣ дигар бар замин науфтам ман

امیدم آنکه دگر بر زمین نیفتم من

Ба гӯш ҳар ки расад дар шигифт ме монад

به گوش هر که رسد در شگفت می ماند

з кам аноятят бо фидойӣ чун ман

ز کم عنایتیت با فدایی چون من

Касе ки рондаи зи базмати забунии бахташ

کسی که رانده ز بزمت زبونی بختش

Ба хӯн нишаста чу минои бода то гардан

به خون نشسته چو مینای باده تا گردن

Агар на ҷурм кунад бандаи ?ут гунаҳкор аст

اگر نه جرم کند بنده ات گنهکار است

Чунин ки табъи ту моил буд ба бахшӣдан

چنین که طبع تو مایل بود به بخشیدن

Ғубори ман ки наёрад ба доманат зад даст

غبار من که نیارد به دامنت زد دست

Ба ҳайратам ки чисон дар дилат намӯда ватан

به حیرتم که چسان در دلت نموده وطن

Аз онкии мазҳари афв ту гашта тақсирам

از آنکه مظهر عفو تو گشته تقصیرم

Ба чашм кам гунаҳамро наме тавон дидан

به چشم کم گنهم را نمی توان دیدن

Бадии зи бандау некии з соҳибон бошад

بدی ز بنده و نیکی ز صاحبان باشد

Буд гуноҳи зи ҷӯё ва аз ту бахшӣдан

بود گناه ز جویا و از تو بخشیدن

Бадасти лутф чунон барграфтӣ аз хокам

بدست لطف چنان برگرفتی از خاکم

Ки гаштааст фалаки сои кулоҳи гӯшаи ман

که گشته است فلک سا کلاه گوشهٔ من

Анояти ту ба мисли манӣ бидон монад

عنایت تو به مثل منی بدان ماند

Ки хоки тираи зи меҳр барин шавад равшан

که خاک تیره ز مهر برین شود روشن

Агарчӣ нест марои қобилияти карамат

اگرچه نیست مرا قابلیت کرمت

Туро гзир набошад зи некуӣ кардан

ترا گزیر نباشد ز نیکویی کردن

Забони зъҳдаҳи шукри ту барнаме ояд

زبان زعهدهٔ شکر تو برنمی آید

Кунам ба зикри дуои баъди азин тамоми сухан

کنم به ذکر دعا بعد ازین تمام سخن

Бигир соғари давлат ба рағми бадхоҳон

بگیر ساغر دولت به رغم بدخواهان

Бануш бодаи ъушрат ба кӯрии душман

بنوش بادهٔ عشرت به کوری دشمن