Дил чун зи хоки роҳи талаб тўтё кашад

دل چون ز خاک راه طلب توتیا کشد

Аз рӯй майли хори муғелон бпо кашад

از روی میل خار مغیلان بپا کشد

Моро на зӯри ҷазбаи шавқӣ буд ки марг

ما را نه زور جذبه شوقی بود که مرگ

Домони орзӯии ту аз даст ҳо кашад

دامان آرزوی تو از دست ها کشد

Икраҳ биравӣ ҷони блби омадаи биханд

یکره بروی جان بلب آمده بخند

То бодае зи соғари тбхолаҳ ҳо кашад

تا باده ای ز ساغر تبخاله ها کشد

Чун ҷанги сангу шиша бо он ситезаи хуй

چون جنگ سنگ و شیشه با آن ستیزه خوی

Ҷангӣ намекунад ки бслҳ ва сафо кашад

جنگی نمی کند که بصلح و صفا کشد

намедошт коши қӯти дандони луқмаи хоӣ

می داشت کاش قوت دندان لقمه خای

Ҳирсам ки туъма аз даҳан аждаҳо кашад

حرصم که طعمه از دهن اژدها کشد

Синҷиди марои бмҳру вафо чун бмдъӣ

سنجد مرا بمهر و وفا چون بمدعی

эй кош аз тарозуии тир ҷафо кашад

ای کاش از ترازوی تیر جفا کشد

Ғофил буд зи сояи девори кунҷи фақр

غافل بود ز سایه دیوار کنج فقر

Онро ки дили бсоиаҳи бол ҳумо кашад

آن را که دل بسایه بال هما کشد

Сӯзани дарин раҳи офати таҷред солик аст

سوزن درین ره آفت تجرید سالک است

Аз хори тозаи хори куҳанро зпо кашад

از خار تازه خار کهن را زپا کشد

Коҳидаҳам чнинкаҳи ман аз ғам , аҷаби мадор

کاهیده ام چنینکه من از غم، عجب مدار

Аз тангар устихони маро каҳрабо кашад

از تن گر استخوان مرا کهربا کشد

Ошуфтагии зи суҳбати мо чун шавад малул

آشفتگی ز صحبت ما چون شود ملول

Ояд дамии бсоиаҳи зулфи ту во кашад

آید دمی بسایه زلف تو وا کشد

Хӯнам ки аз дар ту бшстн наме равад

خونم که از در تو بشستن نمی رود

Хоҳад турои бҷонби аҳл вафо кашад

خواهد ترا بجانب اهل وفا کشد

Онро ки ҳаст роиҳаи мардумии ҳавас

آنرا که هست رایحه مردمی هوس

Ин буи хуш кулем зи мардум гё кашад

این بوی خوش کلیم ز مردم گیا کشد