Гул агар бо лаби лаъли ту баробар ме шуд

گل اگر با لب لعل تو برابر می‌شد

Шабнам аз нисбати дандони ту гавҳар ме шуд

شبنم از نسبت دندان تو گوهر می‌شد

Оби фӯлод ба хуноба бадал ме гардид

آب فولاد به خونابه بدل می‌گردید

Гар ғами ишқ дар ойӣна мусаввир ме шуд

گر غم عشق در آیینه مصور می‌شد

Дидаам хушктар аз соғари мхмўронст

دیده‌ام خشک‌تر از ساغر مخمورانست

Ёди он рӯз ки аз гиряи басӣ тар ме шуд

یاد آن روز که از گریه بسی تر می‌شد

Сарди Меҳрии гули ин чамани афсаради маро

سرد مهری گل این چمن افسرد مرا

Қафаси оҳанам эй кош ки миҷмар ме шуд

قفس آهنم ای کاش که مجمر می‌شد

Чашми мастати назарии ҷониби мо гар ме дошт

چشم مستت نظری جانب ما گر می‌داشت

Дар кафи бахти сияҳи обила соғар ме шуд

در کف بخت سیه آبله ساغر می‌شد

Меҳри ихвони ҳама кинаст чаҳ май буд агар

مهر اخوان همه کین است چه می‌بود اگر

Дар раҳми нутфаи обои ҳама духтар ме шуд

در رحم نطفه آبا همه دختر می‌شد

Бо вафо хосиятӣ ҳаст ки гул гар ме дошт

با وفا خاصیتی هست که گل گر می‌داشت

Ҳамаи ҷои қадараш бо хок баробар ме шуд

همه‌جا قدرش با خاک برابر می‌شد

Ашк чун Тифли падари мурда ки худсар гардад

اشک چون طفل پدر مرده که خودسر گردد

Ба таманнои ту ҳаррӯз ба ҳар дар ме шуд

به تمنای تو هرروز به هر در می‌شد

Ҳар замони ҳавсилае дархур ғамнатавон сохт

هر زمان حوصله‌ای درخور غم نتوان ساخت

Коши қадари худаш ғусса муқарар ме шуд

کاش قدر خودش غصه مقرر می‌شد

Кишти умеди чунин хушк намемонад кулем

کشت امید چنین خشک نمی‌ماند کلیم

Агар аз дӯди дилами чашми фалак тар ме шуд

اگر از دود دلم چشم فلک تر می‌شد