Соқӣ хабарат нест ки айём баҳораст
ساقی خبرت نیست که ایام بهارست
Ин бихбрии муждаи сад бӯс ва канораст
این بیخبری مژده صد بوس و کنارست
Дар дасти хирад чанд тавон дид Аннан ро
در دست خرد چند توان دید عنان را
Соқӣ бидиҳ он бода ки бар ақл савораст
ساقی بده آن باده که بر عقل سوارست
Он бода ки аз партави он пунбау мино
آن باده که از پرتو آن پنبه و مینا
Афрӯхта монанди анору гули норст
افروخته مانند انار و گل نارست
Он бода ки чун фавҷ кашад лашкари андӯҳ
آن باده که چون فوج کشد لشکر اندوه
Як косаи он аз паии як шаҳр ҳисораст
یک کاسه آن از پی یک شهر حصارست
Он оташи афрӯхта каз гармии васфаш
آن آتش افروخته کز گرمی وصفش
Чун риштаи гавҳари нафасам обила дораст
چون رشته گوهر نفسم آبله دارست
Аз чеҳраи соқӣ буд ошуфтагии зулф
از چهره ساقی بود آشفتگی زلف
Сўдоздаҳро мавсим ошӯб баҳораст
سودازده را موسم آشوب بهارست
Бе ҷилваи мино ки баради гирди кудурат
بی جلوه مینا که برد گرد کدورت
Соғар накушояд назар аз бскаҳ ғубораст
ساغر نگشاید نظر از بسکه غبارست
Ман кистам , он маст ки таркиби вуҷӯдам
من کیستم، آن مست که ترکیب وجودم
Аз хок дар майкада ва об хумораст
از خاک در میکده و آب خمارست
Ҳарчанд ки дарҳами терм аз тори гусаста
هرچند که درهم ترم از تار گسسته
Шерозаи аҳволи ман аз нағма тораст
شیرازهٔ احوال من از نغمهٔ تارست
Дар ҳайратам аз зории тнбўр ки ин Тифл
در حیرتم از زاری طنبور که این طفل
Бдхў шавад Андам ки дар оғӯш ва канораст
بدخو شود آندم که در آغوش و کنارست
Ҷон дар гарави соқӣу ҷони раҳни мғнӣ
جان در گرو ساقی و جان رهن مغنی
Ҳушу хиради бохтаи худ дар чаҳ шумораст
هوش و خرد باخته خود در چه شمارست
Дилбаста созему асир май нобим
دلبستهٔ سازیم و اسیر مِیِ نابیم
Гуҳ мавҷ шаробему гуҳӣ тор рубобем
گه موج شرابیم و گهی تار رُبابیم
Соқӣ бидиҳ он оинаи сӯрату ҷон ро
ساقی بده آن آینه صورت و جان را
Он сайқали мроти дилу теғи забон ро
آن صیقل مرآت دل و تیغ زبان را
Зини бода сабӯҳӣ натавон зонка бики ҷом
زین باده صبوحی نتوان زانکه بیک جام
Хуршед даманд зи ҷабини бодаи кашон ро
خورشید دماند ز جبین باده کشان را
Дар ҷоми даҳан на , чу ҳубоб , ар натавонӣ
در جام دهن نه، چو حباب، ار نتوانی
Бардоштан аз раъшаи зҷои ратли гарон ро
برداشتن از رعشه زجا رطل گران را
Сари рутба з меёфтау чархи зи хуршед
سر رتبه ز می یافته و چرخ ز خورشید
Беоина қадре набӯд оинаи дон ро
بی آینه قدری نبود آینه دان را
Аз партави ин бодаи шаб аз даҳр ниҳон шуд
از پرتو این باده شب از دهر نهان شد
Сад шукр ки барчед шаби ҷумъаи дукон ро
صد شکر که برچید شب جمعه دکان را
Кашмӣр ва баҳорасту сар рӯза надорем
کشمیر و بهارست و سر روزه نداریم
Зоҳид бмҳрм фиканем ин рамазон ро
زاهد بمحرم فکنیم این رمضان را
Соқии ним аз ҳоли худ огоҳ , бмни даҳ
ساقی نیم از حال خود آگاه، بمن ده
Он оинаи сӯрати аҳволи ниҳон ро
آن آینه صورت احوال نهان را
Каҷ каҷ равад аз мастӣ ва ҳар сӯй фитад тир
کج کج رود از مستی و هر سوی فتد تیر
Зини бода агар оби диҳии чӯби камон ро
زین باده اگر آب دهی چوب کمان را
Гар ҳадати ин бода бФўлод диҳад об
گر حدت این باده بفولاد دهد آب
Нашутур чаҳ аҷаб гар бигушоед раги кон ро
نشتر چه عجب گر بگشاید رگ کان را
Он бодаи пурзӯр ки сарпанҷаи токаш
آن باده پرزور که سرپنجه تاکش
Аз худ бФшондни бабради ранги хазон ро
از خود بفشاندن ببرد رنگ خزان را
Аз нохун мавҷаш натавон ранги ҳинои шаст
از ناخن موجش نتوان رنگ حنا شست
Зини бода агар мояи диҳии обрӯон ро
زین باده اگر مایه دهی آبروان را
Вақфи камари мутрибу соқисти ду дастам
وقف کمر مطرب و ساقیست دو دستم
Кӯи даст дигар то бикашам ратли гарон ро
کو دست دگر تا بکشم رطل گران را
Дилбаста созему асир май нобим
دلبسته سازیم و اسیر می نابیم
Гуҳ мавҷ шаробему гуҳӣ тор рубобем
گه موج شرابیم و گهی تار ربابیم
Дар кулбаи мо то бкмр мавҷ шаробаст
در کلبه ما تا بکمر موج شرابست
То соғари тбхолаҳи мо пар ме нобаст
تا ساغر تبخاله ما پر می نابست
Гар сар бФлк мекашад айвони мунаққаш
گر سر بفلک می کشد ایوان منقش
Дар хок агар нест хамӣ хона харобаст
در خاک اگر نیست خمی خانه خرابست
Ҳар ҷо ки майу мутриб ва маъшӯқ диҳад даст
هر جا که می و مطرب و معشوق دهد دست
Маъмураи ороста олам обаст
معموره آراسته عالم آبست
Май нӯш ки чашми бади айёми дарин фасл
می نوش که چشم بد ایام درین فصل
Пайваста бихобаст агар чашм ҳубобаст
پیوسته بخوابست اگر چشم حبابست
Хуш гуфт Флотўни бскндр ки дарин давр
خوش گفت فلاطون بسکندر که درین دور
Гар сад ғамӣ ҳаст ҳамин сад шаробаст
گر سد غمی هست همین سد شرابست
Ғайр аз лаб кам ҳарфи ту соқӣ нишнидам
غیر از لب کم حرف تو ساقی نشنیدم
Ҷоӣикаҳи миён майу соғари шкробст
جائیکه میان می و ساغر شکرآبست
Аз мадриса бигурез ки баси тираи дарунӣ
از مدرسه بگریز که بس تیره درونی
Дар паҳлавии ҳам танг чу авроқ китобаст
در پهلوی هم تنگ چو اوراق کتابست
Маҳрӯми з май зоҳиди азин ақл тнк шуд
محروم ز می زاهد ازین عقل تنک شد
Киштӣ натавон ронад баҳри ҷо тнк обаст
کشتی نتوان راند بهر جا تنک آبست
Ҷузи чеҳра май чашми ҳубоби қадаҳи айём
جز چهره می چشم حباب قدح ایام
Дар хоб чаҳ дидаст ки пайваста бихобаст
در خواب چه دیدست که پیوسته بخوابست
Зоби Хизру малики Сикандари ншкибд
زآب خضر و ملک سکندر نشکیبد
Он ринд ки бемутрибу соқӣ ва кабобаст
آن رند که بی مطرب و ساقی و کبابست
Дилбаста созему асир май нобим
دلبسته سازیم و اسیر می نابیم
Гуҳ мавҷ шаробему гуҳӣ тор рубобем
گه موج شرابیم و گهی تار ربابیم
Соқӣ бидиҳ он гармии ҳангомаи ҷам ро
ساقی بده آن گرمی هنگامه جم را
Гулдастаи рангини гулистони Ирам ро
گلدسته رنگین گلستان ارم را
Зинсон ки расад меҳнати айёми паёпай
زینسان که رسد محنت ایام پیاپی
Вой ар нарасонӣ ду се ҷоми паии ҳам ро
وای ار نرسانی دو سه جام پی هم را
Ҳар гоҳи бмн давр расад бӯса ҳисобаст
هر گاه بمن دور رسد بوسه حسابست
Соқӣ бҳриФон бирасон бода кам ро
ساقی بحریفان برسان باده کم را
Он меки наҳй хишти хамашгар басари хеш
آن می که نهی خشت خمش گر بسر خویش
Аз пой кашад роҳат ӯ хори ?илам ро
از پای کشد راحت او خار الم را
Он бода ки дар коми дуот ар бчконӣ
آن باده که در کام دوات ار بچکانی
Аз тори рақам бахя занад чоки қалам ро
از تار رقم بخیه زند چاک قلم را
Он бода ки аз ҳадати он маҳв тавон кард
آن باده که از حدت آن محو توان کرد
Аз лавҳи дили брҳмнони нақши санам ро
از لوح دل برهمنان نقش صنم را
Оғоз баҳорӣаст ки бар сабзаи тоза
آغاز بهاریست که بر سبزه تازه
Гар пой наҳй пай кунӣ оҳӯии ҳарам ро
گر پای نهی پی کنی آهوی حرم را
Аз сабзаи шкФтст кунун ҳар гули хокӣ
از سبزه شکفتهست کنون هر گل خاکی
Зон сон ки буд тозагии сиккаи дирам ро
زان سان که بود تازگی سکه درم را
Тарсам ки шавад сад раҳ нашаву намоиш
ترسم که شود سد ره نشو و نمایش
Ин абр ки бар сабза ниҳодаст шикам ро
این ابر که بر سبزه نهادست شکم را
Доғами зи хати соқӣ ва аз мавҷи қадаҳи ҳам
داغم ز خط ساقی و از موج قدح هم
Баҳр чаҳ бар ойина нигоранд рақам ро
بهر چه بر آئینه نگارند رقم را
Шухӣ ки буд соқии мо мутриб мо ӯст
شوخی که بود ساقی ما مطرب ما اوست
Бигзор ки қурбон шавам он теғи ду дам ро
بگذار که قربان شوم آن تیغ دو دم را
Дилбаста созему асир май нобим
دلبسته سازیم و اسیر می نابیم
Гуҳ мавҷ шаробему гуҳӣ тор рубобем
گه موج شرابیم و گهی تار ربابیم
Мастему Аннани дил худком нагирем
مستیم و عنان دل خودکام نگیریم
То ҷом буд ибрат аз айём нагирем
تا جام بود عبرت از ایام نگیریم
Бе май ба гулистони ҷаҳони иззат мо чист
بی مِی به گلستان جهان عزت ما چیست
Чун лола кабобем агар ҷом нагирем
چون لاله کبابیم اگر جام نگیریم
Ҳар лаҳзаи зи соқии талаб бода зарураст
هر لحظه ز ساقی طلب باده ضرورست
Биқдр буд ҳар чаҳ бобром нагирем
بیقدر بود هر چه بابرام نگیریم
Зинсон ки ҷаҳонро хабарӣ аз ғам мо нест
زینسان که جهان را خبری از غم ما نیست
Мо ҳам хабарӣ аз ғам айём нагирем
ما هم خبری از غم ایام نگیریم
Хокӣ ки мулоим шавад аз сояи токӣ
خاکی که ملایم شود از سایه تاکی
Бар сари камаш аз равған бодом нагирем
بر سر کمش از روغن بادام نگیریم
Мавҷем ки осӯдагии мо адами мост
موجیم که آسودگی ما عدم ماست
Мо зинда ба онем ки ором нагирем
ما زنده به آنیم که آرام نگیریم
Моро ки бтзўир ва ҳиял нест сару кор
ما را که بتزویر و حیل نیست سر و کار
Он сайд ҳалоласт ки дар дом нагирем
آن صید حلالست که در دام نگیریم
Зинсон ки замии оинаи табъ ҷило ёфт
زینسان که زمی آینه طبع جلا یافت
Занги азтрии толеъи худ ком нагирем
زنگ ازتری طالع خود کام نگیریم
Қарз рамазон нест ки вопас натавон дод
قرض رمضان نیست که واپس نتوان داد
Аз пирмғони бода чаро вом нагирем
از پیرمغان باده چرا وام نگیریم
Дидем ки бар рӯй нигини ном чаҳ оварад
دیدیم که بر روی نگین نام چه آورد
То нанг буд мо тараф ном нагирем
تا ننگ بود ما طرف نام نگیریم
Мо ҳеҷ надорем ҷуз аз соқӣу мутриб
ما هیچ نداریم جز از ساقی و مطرب
Миннат накашем аз кас ва анъом нагирем
منت نکشیم از کس و انعام نگیریم
Дилбаста созему асир май нобим
دلبسته سازیم و اسیر می نابیم
Гуҳ мавҷ шаробему гуҳӣ тор рубобем
گه موج شرابیم و گهی تار ربابیم
Зоҳид ки буд тираи шаби субҳи нмоӣӣ
زاهد که بود تیره شب صبح نمائی
Дар зоҳири поки оина рӯй рёӣӣ
در ظاهر پاک آینه روی ریائی
Бо онкӣ шавад гирди зи домони турши гул
با آنکه شود گرد ز دامان ترش گل
Гиранд ҳамаи доманаш аз баҳри дъоӣӣ
گیرند همه دامنش از بهر دعائی
Дар бодияи зуҳд , агар роҳнамо ӯст
در بادیه زهد، اگر راهنما اوست
Мушкил ки баради ҷодаи ҳам роҳи бҷоӣӣ
مشکل که برد جاده هم راه بجائی
Моро зҳдис майу соқӣ ки бадари барад
ما را زحدیث می و ساقی که بدر برد
Мастем ва аҷаб нест зи мо лағзиши поӣӣ
مستیم و عجب نیست ز ما لغزش پائی
Машшотаи ойина буд рӯй ту соқӣ
مشاطه آئینه بود روی تو ساقی
Онро ки буд ҷоми мяш рӯй нмоӣӣ
آنرا که بود جام میش روی نمائی
Хуши гӯшаи амнисти харобот ки онҷо
خوش گوشه امنیست خرابات که آنجا
Сад тавбаи шикаст ва нашунидем сдоӣӣ
صد توبه شکست و نشنیدیم صدائی
Дар майкада ҳар бесару поро қадаҳӣ ҳаст
در میکده هر بیسر و پا را قدحی هست
Ороста ҳар зарраи бхўршиди ҷдоӣӣ
آراسته هر ذره بخورشید جدائی
Ъамомаи тазвири брҳн хам ме кун
عمامه تزویر برهن خم می کن
эй шайх ки дар савмиъа бебаргу нўоӣӣ
ای شیخ که در صومعه بی برگ و نوائی
Соқии зи паии наргиси бемори ту доим
ساقی ز پی نرگس بیمار تو دایم
Бардошта мижгони бхдои дасти дъоӣӣ
برداشته مژگان بخدا دست دعائی
Аз бахти биҷузи нағма ва мемултамисӣ нест
از بخت بجز نغمه و می ملتمسی نیست
Гар ҳеҷ нахоҳем кам аз обу ҳавойӣ
گر هیچ نخواهیم کم از آب و هوائی
Дилбаста созему асир май нобим
دلبسته سازیم و اسیر می نابیم
Гуҳ мавҷ шаробему гуҳӣ тор рубобем
گه موج شرابیم و گهی تار ربابیم
Хӯн дар қадаҳи бодаи кашонгар рамазон кард
خون در قدح باده کشان گر رمضان کرد
Ид омад вдри косаи тақво ба аз он кард
عید آمد ودر کاسه تقوی به از آن کرد
Соқӣ на чунон тан бодо дод ки мисатон
ساقی نه چنان تن بادا داد که مستان
Икшб битавонанд қазоӣ рамазон кард
یکشب بتوانند قضای رمضان کرد
Хам гарчи басии дасти нишони ҳамчу сабу дошт
خم گرچه بسی دست نشان همچو سبو داشت
Як як басӯии маҳфили аҳбоб равон кард
یک یک بسوی محفل احباب روان کرد
Бо онкии алоҷи ҳамаи дардӣ з шаробаст
با آنکه علاج همه دردی ز شرابست
Чун шишаи тиҳии гашти алоҷ хафақон кард
چون شیشه تهی گشت علاج خفقان کرد
Ҳарчанд ки пар рафту тиҳии боз пас омад
هرچند که پر رفت و تهی باز پس آمد
Соқии бсФри киштӣ май боз равон кард
ساقی بسفر کشتی می باز روان کرد
Он бода кигар шиша май дар бағал ояд
آن باده که گر شیشه می در بغل آید
Чун ғунчаи гули ҷомаи азуи ранг тавон кард
چون غنچه گل جامه ازو رنگ توان کرد
То бода буд шӯру шар аз базм нахезад
تا باده بود شور و شر از بزم نخیزد
Онгаҳ ки з май ҷоми тиҳии гашт фиғон кард
آنگه که ز می جام تهی گشت فغان کرد
Бигзор ки дӯдӣ кунад он оташи пинҳон
بگذار که دودی کند آن آتش پنهان
Дар хирқа чаҳ шуд зоҳид агар шиша ниҳон кард
در خرقه چه شد زاهد اگر شیشه نهان کرد
Бо тавбау перии сухан аз соқӣ ва май чанд
با توبه و پیری سخن از ساقی و می چند
Худро натавонам чу бофасона ҷавон кард
خود را نتوانم چو بافسانه جوان کرد
Ҳарчанд ғазали гўӣӣу мастии фан мо нест
هرچند غزل گوئی و مستی فن ما نیست
Чун тарҳ ғазал кард зФрхон чаҳ тавон кард
چون طرح غزل کرد ظفرخان چه توان کرد
Дилбаста созему асир май нобим
دلبسته سازیم و اسیر می نابیم
Гуҳ мавҷ шаробему гуҳӣ тор рубобем
گه موج شرابیم و گهی تار ربابیم