Дили ғунчаро бози ин ғам гирифтаст

دل غنچه را باز این غم گرفتست

Ки пушти бунафша чаро хам гирифтаст

که پشت بنفشه چرا خم گرفتست

Ниқоб аз рух ӯ бихоҳад гушӯдан

نقاب از رخ او بخواهد گشودن

Сабои ғунчаро зон Фродм гирифтаст

صبا غنچه را زان فرادم گرفتست

Чаманро хати сабза маншур маликаст

چمن را خط سبزه منشور ملکست

Ки иқлӣми шодӣ мусаллам гирифтаст

که اقلیم شادی مسلّم گرفتست

Магари чашм ман дид дар хоби наргис

مگر چشم من دید در خواب نرگس

Ки чашмаши зи чашмами чунин нам гирифтаст

که چشمش ز چشمم چنین نم گرفتست

Мизоҷи гул аз машк ва мешуд сиришта

مزاج گل از مشک و می شد سرشته

Кзни буи ва зон ранг дар ҳам гирифтаст

کزن بوی و زان رنگ در هم گرفتست

Шуд аз зулфи ёрами бшўлидаҳи кораш

شد از زلف یارم بشولیده کارش

Бунафшаи азин рӯй мотам гирифтаст

بنفشه ازین روی ماتم گرفتست

Ризо дод лолаи бхўни пиёла

رضا داد لاله بخون پیاله

Ки хунаш гирифтаст ва муҳкам гирифтаст

که خونش گرفتست و محکم گرفتست

Ҳамаи рози дили ғунча бо бод гуяд

همه راز دل غنچه با باد گوید

Ту он содаи дили байн ки муҳаррам гирифтаст

تو آن ساده دل بین که محرم گرفتست