Дарди дил аз ҳади гузашт ва ёр надонад

درد دل از حد گذشت و یار نداند

Дили ҳамаи ғами гашт ва ғмгсор надонад

دل همه غم گشت و غمگسار نداند

Шуд зи заъифии танами чунон кигар ӯ ро

شد ز ضعیفی تنم چنان که گر او را

Гирӣ сад бор дар канор надонад

گیری صد بار در کنار نداند

Ҷони даҳумаши пои музд то бабради дил

جان دهمش پای مزد تا ببرد دل

Ореи ҳамаи каси дарин шумор надонад

آری همه کس درین شمار نداند

Моҳи рхо ! бо лаби ту ҷони раҳе ро

ماه رخا! با لب تو جان رهی را

Ҳаст ҳадисӣ ки роз дор надонад

هست حدیثی که راز دار نداند

Бо ҳамаи кас хира дод даст ба пайванд

با همه کس خیره داد دست به پیوند

Қадари худ оўх ки он нигор надонад

قدر خود آوخ که آن نگار نداند

Хоҳам конро бигӯаш ту бирасонам

خواهم کآنرا بگوش تو برسانم

Лек бшртӣ ки гӯшвор надонад

لیک بشرطی که گوشوار نداند

Чашми ту кӣ ғам хӯрд баҳоли дили ман ?

چشم تو کی غم خورد بحال دل من؟

Кӯи ҳамаи ҷузи мастӣ ва хумор надонад

کو همه جز مستی و خمار نداند

Ҷўрзи хубони тавон бабраду лекин

جورز خوبان توان ببرد و لیکن

Ғамзаи масти ту ҳад кор надонад

غمزۀ مست تو حدّ کار نداند

Хастаи диламро чу орзӯии ту хезад

خسته دلم را چو آرزوی تو خیزد

Чораи биҷузи сбрў интизор надонад

چاره بجز صبرو انتظار نداند

Ончии ту донеи зи гӯнаи гӯнаи ҷафоҳо

آنچه تو دانی ز گونه گونه جفاها

Неки бдонст ки рӯзгор надонад

نیک بدآنست که روزگار نداند