Ниёзу орзӯии ман ба рӯй фахриддин
نیاز و آرزوی من به روی فخرالدّین
Аз он гузашт ки дар ҳиз баён ояд
از آن گذشت که در حیّز بیان آید
Бидон ки ҷони мронсбтист бо лутфат
بدان که جان مرانسبتیست با لطفت
зи шавқи лутфи ту ҳар дами дилам бҷон ояд
ز شوق لطف تو هر دم دلم بجان آید
Гуҳар нисор кунад бар сари забони чашмам
گهر نثار کند بر سر زبان چشمم
Маро чу номи шарифи ту бар забон ояд
مرا چو نام شریف تو بر زبان آید
Ба ҷустуҷӯии хабари ҷонам аз даричаи гӯш
به جستجوی خبر جانم از دریچۀ گوش
Замони замон ба сари роҳ корвон ояд
زمان زمان به سر راه کاروان آید
Ҳамаи тасаллӣ ҷонам бидон буд ҳар шаб
همه تسلّی جانم بدان بود هر شب
Ки бо хаёли ту дар зикр сӯзён ояд
که با خیال تو در ذکر سوزیان آید
Салому хизмати ходими азу қабул кунад
سلام و خدمت خادم ازو قبول کند
Чу боди хуши дамаш аз хок Исфаҳон ояд
چو باد خوش دمش از خاک اصفهان آید
Бидон ки аз хадамоти раҳеи гронборст
بدان که از خدمات رهی گرانبارست
Насими боди сабо чун ки нотавон ояд
نسیم باد صبا چون که ناتوان آید
Агар шамоили лутфати бкўаҳ бар шимурам
اگر شمایل لطفت بکوه بر شمرم
зи ёди халқи тўоши об бар даҳон ояд
ز یاد خلق تواش آب بر دهان آید
зи шарми лафз ту мутаворӣаст оби ҳаёт
ز شرم لفظ تو متواریست آب حیات
Даруни пардаи зулмат аз он ниҳон ояд
درون پردۀ ظلمت از آن نهان آید
Бензади лутфи тугар ҳеҷ бошадаш обӣ
بنزد لطف تو گر هیچ باشدش آبی
Чу оби сӯии ҷанобат бар давон ояд
چو آب سوی جنابت بر دوان آید
Диҳад шамоили лутфи ту хотирамро ёд
دهد شمایل لطف تو خاطرم را یاد
Саҳаргаҳон ки насимии з гулистон ояд
سحرگهان که نسیمی ز گلستان آید
Замони васли ту амиддорм ва донам
زمان وصل تو امیددارم و دانم
Замони ҷонам агар ноед он замон ояд
زمان جانم اگر ناید آن زمان آید