Он ки сахт нашудаи ҳаргизи сайр

آن که سخت نشده هرگز سیر

Нест алои шиками хоҷаи фалон

نیست الّا شکم خواجه فلان

Ваон ки бар хайр нашуд ҳаргизи чир

وان که بر خیر نشد هرگز چیر

Нест алои қалами хоҷаи фалон

نیست الّا قلم خواجه فلان

Ваон ки рӯй аз назар кас нанаҳуфт

وان که روی از نظر کس ننهفت

Нияти алои ҳарами хоҷаи фалон

نیت الّا حرم خواجه فلان

Ваон ки чашми тамаъаш нақш надид

وان که چشم طمعش نقش ندید

Нест алои дирами хоҷаи фалон

نیست الّا درم خواجه فلان

Ваон ки афзӯни зи ҳама чиз онаст

وان که افزون ز همه چیز آنست

Нест алои ситами хоҷаи фалон

نیست الّا ستم خواجه فلان

Ваон ки дар олам аз он камтар нест

وان که در عالم از آن کمتر نیست

Нест алои карами хоҷаи фалон

نیست الّا کرم خواجه فلان

Ваон ки шавамаст бар арбоби ҳунар

وان که شومست بر ارباب هنر

Нест алои қадами хоҷаи фалон

نیست الّا قدم خواجه فلان

Ваон ки зон нест муборактар ҳеҷ

وان که زان نیست مبارکتر هیچ

Нест алои адами хоҷаи фалон

نیست الّا عدم خواجه فلان

Ваон ки шоданд ҳамаи аҳли камол

وان که شادند همه اهل کمال

Нест ало ба ғами хоҷаи фалон

نیست الّا به غم خواجه فلان