Зини ним ҷон ки дорам ҷонон чаҳ хости гўӣӣ
زین نیم جان که دارم جانان چه خواست گوئی
Кард ончии хост бо дил аз ҷон чаҳ хости гўӣӣ
کرد آنچه خواست با دل از جان چه خواست گوئی
Чашми камони каш ӯ туркӣаст ёсҷи афкан
چشم کمانکش او ترکی است یاسج افکن
Чун сабр кард ғорати зи имон чаҳ хости гўӣӣ
چون صبر کرد غارت ز ایمان چه خواست گوئی
Дар ваъда хӯрд хӯнам пас дод ваъдаи каж
در وعده خورد خونم پس داد وعدهٔ کژ
Зон хӯн ки нест чандин , чандон чаҳ хости гўӣӣ
زان خون که نیست چندین، چندان چه خواست گوئی
Чун булбулам бар оташи наъраи занону сӯзон
چون بلبلم بر آتش نعره زنان و سوزان
Каз зераи об додани ҷонон чаҳ хости гўӣӣ
کز زیره آب دادن جانان چه خواست گوئی
Ҳиҷронаши оташи ғам дар кишти умр ман зад
هجرانش آتش غم در کشت عمر من زد
Зини кишти зарди умрами ҳиҷрон чаҳ хости гўӣӣ
زین کشت زرد عمرم هجران چه خواست گوئی
Гуфтам расм ба васлати мижгон бар абрувон зад
گفتم رسم به وصلت مژگان بر ابروان زد
Зин бар задан ба абрӯи мижгон чаҳ хости гўӣӣ
زین برزدن به ابرو مژگان چه خواست گوئی
Ман сари нуҳум ба поиш ӯ рӯй тобад аз ман
من سر نهم به پایش او روی تابد از من
Ман пушт даст хоем кӯ зон чаҳ хости гўӣӣ
من پشت دست خایم کو زان چه خواست گوئی
Тӯфони обу оташ бар бод дод хокам
طوفان آب و آتش بر باد داد خاکم
Зин ҳаст ва нест мўӣии тӯфон чаҳ хости гўӣӣ
زین هست و نیست موئی طوفان چه خواست گوئی
Муҳаррам назод даврони вари зоди кишти хира
محرم نزاد دوران ور زاد کُشت خیره
Зини хираи куштани оўхи даврон чаҳ хости гўӣӣ
زین خیره کشتن آوخ دوران چه خواست گوئی
Зон ҳамдамони як дили як нозанин намонда аст
زان همدمان یکدل یک نازنین نمانده است
Ин давр бе вафоёни зи эшон чаҳ хости гўӣӣ
این دور بیوفایان ز ایشان چه خواست گوئی
Хоқонёи дилатро зи афғон чаҳ ҳосил ояд
خاقانیا دلت را ز افغان چه حاصل آید
Чун дил наёфт доруи зи афғон чаҳ хости гўӣӣ
چون دل نیافت دارو ز افغان چه خواست گوئی
Ширвони зи боғи селоати бас давр кард мо ро
شروان ز باغ سَلوَت بس دور کرد ما را
Зини давр кардан мо ширвон чаҳ хости гўӣӣ
زین دور کردنِ ما شروان چه خواست گوئی