Ман аз он лаҳза ки дар чашм ту дидам мастам
من از آن لحظه که در چشم تو دیدم مستم
Корам аз даст бурун рафт ки гирад дастам
کارم از دست برون رفت که گیرد دستم
Дишаби ондл ки бзнҷир нигаҳ натавон дошт
دیشب آندل که بزنجیر نگه نتوان داشت
Бихўд оварадам ва дар ҳалқа ӣ зулфати бастам
بیخود آوردم و در حلقه ی زلفت بستم
Ин хаёлӣаст ки дргрди саманди тўрсм
این خیالیست که درگرد سمند تورسم
Зонк чун хоки бзири сами асбати пастам
زانک چون خاک بزیر سم اسبت پستم
Ҳар ки бо зулфи гиреҳгири ту пайвандии сохт
هر که با زلف گرهگیر تو پیوندی ساخت
Бибаредем зи ҳамаи халқу дарави пайвастам
ببریدیم ز همه خلق و درو پیوستم
Ман на имрӯзи бдоми ту дар афтодаму бас
من نه امروز بدام تو در افتادم و بس
Ки гирифтори ғами ишқи туам то ҳастам
که گرفتار غم عشق توام تا هستم
То бирафтӣ натавонам ки шабӣ то дами субҳ
تا برفتی نتوانم که شبی تا دم صبح
Аз дилу дидаи дурудати з қафо нафаристам
از دل و دیده درودت ز قفا نفرستم
Пеши азинми ҳадафи тир маломат макунед
پیش ازینم هدف تیر ملامت مکنید
Ки бурун рафт Аннан аз кафу тир аз шастам
که برون رفت عنان از کف و تیر از شستم
Гар кунам ҷомаи бхўнобаҳи намозӣ чаҳ аҷаб
گر کنم جامه بخونابه نمازی چه عجب
Ки зи ҷони дасти бхўни дили соғари шастам
که ز جان دست بخون دل ساغر شستم
Бози хоҷу ки марои кӯфта хотир ме дошт
باز خواجو که مرا کوفته خاطر می داشت
Барграфтам зи дили сӯхтау ворстм
برگرفتم ز دل سوخته و وارستم