Ин бод кадомаст ки аз кӯй шумо хост
این باد کدامست که از کوی شما خاست
Венаи мурғ чаҳ номаст ки аз сӯй сабо хост
وین مرغ چه نامست که از سوی سبا خاست
Боди саҳарии накҳати машк хутан оварад
باد سحری نکهت مشک ختن آورد
ё бўӣӣ аз он силсилаи ғолия со хост
یا بوئی از آن سلسله غالیهسا خاست
Гўӣии магари анфоси равон бахш биҳиштаст
گوئی مگر انفاس روان بخش بهشتست
Ин буии диловез ки аз бод сабо хост
این بوی دلاویز که از باد صبا خاست
Бархеста будӣу дил ғмздаҳ ме гуфт
برخاسته بودی و دل غمزده میگفت
ё раб ки қиёмати зи қиёми ту чаро хост
یا رب که قیامت ز قیام تو چرا خاست
Биншин нафасии бӯ ки балоро бинишонӣ
بنشین نفسی بو که بلا را بنشانی
Зон рӯ ки зи болои ту пайвастаи блохост
زان رو که ز بالای تو پیوسته بلا خاست
Шӯр аз дили яктои ман хаста бар оварад
شور از دل یکتای من خسته برآورد
Ҳар фитнау ошӯб каз онзлФи ду то хост
هر فتنه و آشوب کز آن زلف دوتا خاست
Ин шамъи фурӯзандаи зи айвон ки афрӯхт
این شمع فروزنده ز ایوان که افروخت
Венаи фитнаи нўхостаҳ оё зкҷо хост
وین فتنه نو خاسته آیا ز کجا خاست
Аз парда бурун шуд дили пари хӯни ман Андам
از پرده برون شد دل پر خون من آن دم
Каз пардаи сарои замзама ӣ парда саро хост
کز پردهسرا زمزمهی پردهسرا خاست
Хоҷуи биҷуз аз бандагии ҳазрати султон
خواجو به جز از بندگی حضرت سلطان
Кории ншиндим ки аз дасти гадои сохт
کاری نشیندیم که از دست گدا خاست