Пеши соҳиби назарони малик сулаймон бодаст

پیش صاحب‌نظران ملک سلیمان بادست

Балки онаст сулаймон ки з малик озодаст

بلکه آن است سلیمان که ز ملک آزادست

Он ки гӯйанд ки бар об ниҳодаст ҷаҳон

آن که گویند که بر آب نهاد است جهان

Машну эй хоҷа ки чун дрнгрӣ бар бодаст

مشنو ای خواجه که چون درنگری بر بادست

Ҳар нафаси меҳри фалак бар дгарӣ ме уфтад

هر نفس مهر فلک بر دگری می‌افتد

Чаҳ тавон кард чу ин сифла чунин афтодаст

چه توان کرد چو این سفله چنین افتادست

Дил дар ин пери зани ишвагар даҳр мабанд

دل در این پیرزن عشوه‌گر دهر مبند

Кин арӯсӣаст ки дар ақд басӣ домодаст

کاین عروسیست که در عقد بسی دامادست

Ёди дори ин сухан аз ман ки пас аз ман гӯйӣ

یاد دار این سخن از من که پس از من گویی

Ёди боди он ки марои ин сухан аз вай ёдаст

یاد باد آن که مرا این سخن از وی یادست

Он ки шаддод дар айвони зи зроФкндии хишт

آن که شدّاد در ایوان ز زرافکندی خشت

Хишти айвони шаҳ акнӯн з сар шаддодаст

خشت ایوان شه اکنون ز سر شدّادست

Хоки Бағдод ба марг хулафо ме гиряд

خاک بغداد به مرگ خلفا می‌گرید

Варна ин шат равон чист ки дар Бағдодаст

ورنه این شطّ روان چیست که در بغدادست

Гар пар аз лолаи сероб буд домани кӯҳ

گر پر از لالهٔ سیراب بود دامن کوه

Марв аз роҳ ки он хӯн дил Фарҳодаст

مرو از راه که آن خون دل فرهادست

Ҳамчу наргис бигушо чашм ва бибин кандар хок

همچو نرگس بگشا چشم و ببین کاندر خاک

Чанд рӯй чу гулу қомат чун шамшодаст

چند روی چو گل و قامت چون شمشادست

Хайма инс мазан бар дар ин куҳнаи работ

خیمهٖٔ انس مزن بر در این کهنه رباط

Ки асосаши ҳама бемавқе ва бе бунёдаст

که اساسش همه بی‌موقع و بی‌بنیادست

Ҳосилӣ нест ба ҷузи ғами зи ҷаҳони хоҷу ро

حاصلی نیست به جز غم ز جهان خواجو را

Шодии ҷон касе кӯи з ҷаҳон озодаст

شادی جان کسی کو ز جهان آزادست