Бадв гуфт к-эии рашки сарви сеӣ
بدو گفت کای رشک سرو سهی
Фурӯзони зи ту фари шоҳаншаҳӣ
فروزان ز تو فر شاهنشهی
Бигӯ каз кҷоӣӣу ном ту чист
بگو کز کجائی و نام تو چیست
Дарин марзи фархундаи ком ту чист
درین مرز فرخنده کام تو چیست
Заминро бабўсед фаррухи савор
زمین را ببوسید فرخ سوار
Пас онгаҳ чунин гуфт к-эии шаҳриёр
پس آنگه چنین گفت کای شهریار
Ҷавонии ғарибами зи Эрони замин
جوانی غریبم ز ایران زمین
Ҳаме рӯй дорам ба Мочӣну чин
همی روی دارم به ماچین و چین
Умедами з ҳар гӯшае тӯша Эй
امیدم ز هر گوشهای توشهای
Насибами з ҳар тӯшае хӯша Эй
نصیبم ز هر توشهای خوشهای
Ба ҳар гӯша гардӣдаам ман басӣ
به هر گوشه گردیدهام من بسی
Биҷузи соя муҳаррам надидам касе
بجز سایه محرم ندیدم کسی
Маро буд гардии худовандгор
مرا بود گُردی خداوندگار
Ба ҳар неку бади бандаро ғмгсор
به هر نیک و بد بنده را غمگسار
Кунун муддатӣ шуд ки гардуни пер
کنون مدتی شد که گردون پیر
Ҷудо кардаш аз хусравонеи сарир
جدا کردش از خسروانی سریر
Ҷаҳони паҳлавони гирд бо фару чеҳр
جهان پهلوان گُرد با فر و چهر
Нишемани гуҳаши авҷи тобандаи меҳр
نشیمن گهش اوج تابنده مهر
Замину замони хуррам аз фар ӯ
زمین و زمان خرم از فر او
Мау меҳр дар сояи фароад
مه و مهر در سایه فراد
Чу хуршеди рухи сӯии саҳрои ниҳод
چو خورشید رخ سوی صحرا نهاد
Чу анқо ба ақсои чини аўФтод
چو عنقا به اقصای چین اوفتاد
Аз он гуҳи ниҳодами сари андари ҷаҳон
از آن گه نهادم سر اندر جهان
Ба ҳар марзи пӯён ба ҳар сӯи давон
به هر مرز پویان به هر سو دوان
з худ даргузаштам ки дар ваии расм
ز خود درگذشتم که در وی رسم
Валикин надонам бадв кӣ расм
ولیکن ندانم بدو کی رسم
Аз он оби чашмами з сар даргузашт
از آن آب چشمم ز سر درگذشت
Ки он офтобами з бар даргузашт
که آن آفتابم ز بر درگذشت
Валикини азин роҳ ҳам дархураст
ولیکن ازین راه هم درخورست
Ки аз чашмаи чинам обаш хураст
که از چشمه چینم آبشخورست
Чу дарёӣ хӯн шуд канорами зи чашм
چو دریای خون شد کنارم ز چشم
Ки Перуяши ин чашм дорам ба чашм
که پرویش این چشم دارم به چشم
Шунидам ки чун дили з мо барграфт
شنیدم که چون دل ز ما برگرفت
Ба чин рафту роҳ хто барграфт
به چین رفت و راه ختا برگرفت
Ба оҳанги чин чун ки бишитофтам
به آهنگ چین چون که بشتافتم
Нишонаш ба ховар замин ёфтам
نشانش به خاور زمین یافتم
Фалаки байн ки чун медуанд маро
فلک بین که چون میدواند مرا
Ту гўӣӣ ки хӯн медуанд маро
تو گوئی که خون میدواند مرا
Равон сом гуфташ ки эй навҷавон
روان سام گفتش که ای نوجوان
зи мо номи хеш аз чаҳ дории ниҳон
ز ما نام خویش از چه داری نهان
Касеро ки гавҳари гиромӣ буд
کسی را که گوهر گرامی بود
Кунад номи пайдо чу номӣ буд
کند نام پیدا چو نامی بود
Ки мо ҳам ғарибему ошуфтаи кор
که ما هم غریبیم و آشفته کار
Ҷафои дида аз гардиши рӯзгор
جفا دیده از گردش روزگار
Ҷавон гуфт к-эии гирди фаррухи равон
جوان گفت کای گرد فرخ روان
Марои қлўши зобулии номи дон
مرا قلوش زابلی نام دان
Наримони ялро манам ибн ъам
نریمان یل را منم ابن عم
Худованд дияему фориғи зи ғам
خداوند دیهیم و فارغ ز غم
Чу бишунид азуи сом бо дайн ва дод
چو بشنید ازو سام با دین و داد
Биҷуст аз фарози ткоўр чу бод
بجست از فراز تکاور چو باد
Гирифташ чу симини сутун дар канор
گرفتش چو سیمین ستون در کنار
зи мижгон гуҳар кард бар ваии нисор
ز مژگان گهر کرد بر وی نثار
Пас онгаҳ чунин гуфт ки эй неки рой
پس آنگه چنین گفت که ای نیک رای
Манам соми яли гирди кишвари гушой
منم سام یل گرد کشور گشای
Ҷудо гашта чун шоҳи ховари зи ком
جدا گشته چون شاه خاور ز کام
Кунун карда ховари заминро мақом
کنون کرده خاور زمین را مقام
Ба нақшӣ барӣ гашта аз ақлу дайн
به نقشی بری گشته از عقل و دین
Шудаи фитнаи якбора бар нақши чин
شده فتنه یکباره بر نقش چین
Чу бози фалак пар барандохта
چو باز فلک پر برانداخته
Ба ховари замини ошёни сохта
به خاور زمین آشیان ساخته
Чу як чанд азин гӯна гуфтанд роз
چو یک چند ازین گونه گفتند راز
Ниҳоданд рухро ба кошонаи боз
نهادند رخ را به کاشانه باز
Яке базми хуррами броростнд
یکی بزم خرم برآراستند
з симин барон ҷом ме хостанд
ز سیمین بران جام میخواستند
Наво баркашиданд ромишгарон
نوا برکشیدند رامشگران
Қадаҳ барграфтанд симин барон
قدح برگرفتند سیمین بران
Ақиқин май андар қадаҳ рехтанд
عقیقین می اندر قدح ریختند
Майу машк бо ҳам бромихтнд
می و مشک با هم برآمیختند
Навогар батон равад бнўохтнд
نواگر بتان رود بنواختند
Ба овои булбул наво сохтанд
به آوای بلبل نوا ساختند
Бад-ӣни гӯнаи гардон ба ойини ҷам
بدین گونه گردان به آئین جم
Қадаҳ нӯш карданд то субҳдам
قدح نوش کردند تا صبحدم
Саҳар чун баромади зи тарафи чаман
سحر چون برآمد ز طرف چمن
Насими гулу накҳати ёсуман
نسیم گل و نکهت یاسمن
Ба кайвони баромади хурӯши хурӯс
به کیوان برآمد خروش خروس
Дар айвони сом андар афтод кӯс
در ایوان سام اندر افتاد کوس
Равон бахш шуд боди мишкӣни нафас
روانبخش شد باد مشکین نفس
Сарояндаи мурғони заррини қафас
سراینده مرغان زرین قفس
Бар айвони гули бртбошири субҳ
بر ایوان گل برتباشیر صبح
Фрўхўонди булбули тафосири субҳ
فروخواند بلبل تفاسیر صبح
Насим сабо гашта ънбрнсор
نسیم صبا گشته عنبرنثار
Чу чини сари зулфи мишкӣни ёр
چو چین سر زلف مشکین یار
Далерон ба коми дили дӯстон
دلیران به کام دل دوستان
Заданд аз ҳарами хайма бар бӯстон
زدند از حرم خیمه بر بوستان
Чу хуршед бо теғи гавҳар нигор
چو خورشید با تیغ گوهر نگار
Бурун омад аз қби ?и зарнигор
برون آمد از قب? زرنگار
Равон гашта бо соми гетии паноҳ
روان گشته با سام گیتیپناه
Гиронмояи қлўоди заррини кулоҳ
گرانمایه قلواد زرین کلاه
зи ногуҳ бурун омад аз панҷара
ز ناگه برون آمد از پنجره
Хромндаҳи сарвӣ чу Кебеки дарра
خرامنده سروی چو کبک دره
Зада сунбулаш бар рухи длФрўз
زده سنبلش بر رخ دلفروز
Ҳабаш бар хутани шом бар нимрўз
حبش بر ختن شام بر نیمروز
Рахши офтоби ҷаҳони тоби дил
رخش آفتاب جهان تاب دل
Хами абрӯяши тоқи миҳроби дил
خم ابرویش طاق محراب دل
Лабаши рӯҳпарвар вале май фуруш
لبش روحپرور ولی میفروش
Шабаши мҳрФрсо вале рўзпўш
شبش مهرفرسا ولی روزپوش
Фурӯзони Рахши шамъи айвони ҷон
فروزان رخش شمع ایوان جان
Хиромони қадаши сарви бустони ҷон
خرامان قدش سرو بستان جان
Ба бар зулфи мишкӣнаши машки хто
به بر زلف مشکینش مشک ختا
Чу ҳиндӯ ба бозори чин бе баҳо
چو هندو به بازار چین بی بها
Рахш дода аз боғи ризвони нишон
رخش داده از باغ رضوان نشان
Сари зулфи жулида дар покашон
سر زلف ژولیده در پاکشان
Ба себу туранҷаши равонро назар
به سیب و ترنجش روان را نظر
Ба дасташи мънбри туранҷии зи руз
به دستش معنبر ترنجی ز رز
Бияфканад то гирди гетии паноҳ
بیفکند تا گرد گیتیپناه
Аз он ба кунад вари туранҷаши нигоҳ
از آن به کند ور ترنجش نگاه
Қазоро ба қлўоши зобулии бузад
قضا را به قلواش زابلی بزد
Ба оҳанг ӯ нағмаи булбули бузад
به آهنگ او نغمه بلبل بزد
Чунон зад ки норанҷ гаван шуд буриш
چنان زد که نارنج گون شد برش
Ба захми мънбри туранҷи зараш
به زخم معنبر ترنج زرش
Чу кораши чунон гашт гуфтӣ хатост
چو کارش چنان گشت گفتی خطاست
Ки корам шавад зон сеӣ сарви рост
که کارم شود زان سهی سرو راست
Чу аз боғи васлаш туранҷӣ наёфт
چو از باغ وصلش ترنجی نیافت
Ба дил чошнӣ диду майлаши шитофт
به دل چاشنی دید و میلش شتافت
зи бодоми он чашми сарви сеӣ
ز بادام آن چشم سرو سهی
Чу ба гашт бишунид буи баӣ
چو به گشت بشنید بوی بهی
Ба сад лоба гуфт эй парии чеҳраи моҳ
به صد لابه گفت ای پری چهره ماه
Сазад гар кунӣ дар ғарибони нигоҳ
سزد گر کنی در غریبان نگاه
Туранҷи туро чошнӣ карда ам
ترنج ترا چاشنی کردهام
Валикини зи себи ту пжмрд ҳ ам
ولیکن ز سیب تو پژمردهام
Дилами бастаи пистаи танги тест
دلم بسته پسته تنگ تست
Ба дастовар акнӯн ки дар чанги тест
به دست آور اکنون که در چنگ تست
Ба заррини туранҷами рабӯдии қарор
به زرین ترنجم ربودی قرار
Аз он себи симин муродам барор
از آن سیب سیمین مرادم برآر
Чу нисбат кунандат ба пистаи даҳан
چو نسبت کنندت به پسته دهن
Ки бемағз бошад зи пистаи сухан
که بیمغز باشد ز پسته سخن
Шикастаи дилами сайди бодоми тест
شکسته دلم صید بادام تست
зи бодомати афтода дар доми тест
ز بادامت افتاده در دام تست
Гули ёсуман бар бути барбарӣ
گل یاسمن بر بت بربری
Парии зода чун шамсаи ховарӣ
پریزاده چون شمسه خاوری
Ба гардиши гулу сунбулашро тавоф
به گردش گل و سنبلش را طواف
Сари мӯши андари сухани мӯшикоф
سر موش اندر سخن موشکاف
Чунин гуфт к-эии марди ҷӯяндаи ком
چنین گفت کای مرد جوینده کام
зи сӯи зиндагии пухтаи савдои хом
ز سو زندگی پخته سودای خام
Чу деҳқони дарин бӯстон дар кушод
چو دهقان درین بوستان در گشاد
Маранҷ ар туранҷии зи шохи аўФтод
مرنج ار ترنجی ز شاخ اوفتاد
Ту кӯтоҳи дастӣу нобаҳраи манд
تو کوتاهدستی و نابهرهمند
Мазан даст дар шохи сарви баланд
مزن دست در شاخ سرو بلند
з ишқӣ мекунӣ хорхор
ز عشقی میکنی خارخار
Баровар чу булбули хурӯши ҳазор
برآور چو بلبل خروش هزار
Тафарруҷ ҳалоласт азин шоху бас
تفرج حلالست ازین شاخ و بس
Ки касро набошад бидон дастрас
که کس را نباشد بدان دسترس
Агар сӯй боғ омадӣ бргзр
اگر سوی باغ آمدی برگذر
Пас онгаҳ чу боди сабои даргузар
پس آنگه چو باد صبا درگذر
Туранҷии ту гар ёфтӣ дар гузор
ترنجی تو گر یافتی در گذار
Туро бо гулу себи симин чикор
ترا با گل و سیب سیمین چکار
зи дил гармӣаст ин дили сарди ту
ز دلگرمی است این دل سرد تو
з сафрост ин гавани ?и зарди ту
ز صفراست این گون? زرد تو
Дилати себи симин таманно кунад
دلت سیب سیمین تمنا کند
Турои бахт то дафъ савдо кунад
ترا بخت تا دفع سودا کند
Турои сабри соз ва на ширини рутаб
ترا صبر ساز و نه شیرین رطب
На нахлат чаҳ бошад азин пас талаб
نه نخلت چه باشد ازین پس طلب
Маро бо ту ин гуфтугӯ чун фитод
مرا با تو این گفتگو چون فتاد
Бирав кати сару кор бо хеши бод
برو کت سر و کار با خویش باد
Пас онгаҳ рух оварад бо сом гуфт
پس آنگه رخ آورد با سام گفت
Ки эй моҳ бо рӯй хуби ту ҷуфт
که ای ماه با روی خوب تو جفت
Шаби субҳи хезон ба рӯй ту рӯз
شب صبح خیزان به روی تو روز
Чароғи диламро зи меҳри ту сӯз
چراغ دلم را ز مهر تو سوز
зи моҳи ҷаҳони тоби шаби зеварат
ز ماه جهانتاب شب زیورت
Дарахшндаи меҳр аз ҳаво бар сарат
درخشنده مهر از هوا بر سرت
Дилам чун фитодаст дар қайди ту
دلم چون فتادست در قید تو
Ту сайд дигар гашта мо сайди ту
تو صید دگر گشته ما صید تو
Ғаму дарди мо хур ки дардат мабод
غم و درد ما خور که دردت مباد
Умедам ки рухсор зардат мабод
امیدم که رخسار زردت مباد
Ту султонӣ ва мо бад-ӣн дар гадоӣ
تو سلطانی و ما بدین در گدای
Магаси байн ки дорад ҳавоӣ ҳамЭй
مگس بین که دارد هوای همای
Даровардаи шаби гирди рӯзи ту даст
درآورده شب گرد روز تو دست
зи рӯзи рахт ҳеҷ рӯзем ҳаст
ز روز رخت هیچ روزیم هست
Диламро ҳавоят ба рӯзӣ фитод
دلم را هوایت به روزی فتاد
Ки рӯзи чунин рӯзӣ кас мабод
که روز چنین روزی کس مباد
Равон сом гуфт эй фурӯзандаи моҳ
روان سام گفت ای فروزنده ماه
Ҷаҳонро ба рӯй ҷавонати нигоҳ
جهان را به روی جوانت نگاه
Ба моҳи рахт кӣ расад дасти кас
به ماه رخت کی رسد دست کس
Ки касро набошад ба маи дастрас
که کس را نباشد به مه دسترس
зи симини туранҷ ту дорам насиб
ز سیمین ترنج تو دارم نصیب
Маранҷ ар з себат надорам насиб
مرنج ار ز سیبت ندارم نصیب
Туро аз туранҷи ту даврӣ ба аст
ترا از ترنج تو دوری به است
зи себати диламро сабурӣ ба аст
ز سیبت دلم را صبوری به است
Туранҷӣ фикандӣ ва ман масти ишқ
ترنجی فکندی و من مست عشق
Нигаҳ кун ки ман ноРом аз дасти ишқ
نگه کن که من نارم از دست عشق
зи ашкам ки то ранҷи гавани гашти хок
ز اشکم که تا رنج گون گشت خاک
Туранҷам бирафт аз дили дарднок
ترنجم برفت از دل دردناک
зи бодоми туркӣ ба доми андарам
ز بادام ترکی به دام اندرم
Ки себаш надонам ба даст оварам
که سیبش ندانم به دست آورم
Чу зон норпстон рухам шуд чу ба
چو زان نارپستان رخم شد چو به
Марои нор ӯ аз туранҷи ту ба
مرا نار او از ترنج تو به
Чу норши чунин май гудозади маро
چو نارش چنین میگدازد مرا
Туранҷ ту донам насозад маро
ترنج تو دانم نسازد مرا
Дили нозукатгар кунун сайди мост
دل نازکت گر کنون صید ماست
Шикорӣ гирифтӣ ки дар қайди мост
شکاری گرفتی که در قید ماست
Шикор ту шуд шергири чунин
شکار تو شد شیرگیر چنین
Ки кардаст бар шери гардуни камӣн
که کردست بر شیر گردون کمین
Турои моҳӣ эйгар бурун шуд зи шаст
ترا ماهیای گر برون شد ز شست
Ба дстонт афтод моҳии зи даст
به دستانت افتاد ماهی ز دست
Макун бе насибаши зи рӯзи висол
مکن بی نصیبش ز روز وصال
Ки меҳри рахтро набошад завол
که مهر رخت را نباشد زوال
Чу дид он парӣ рӯй занҷири мӯӣ
چو دید آن پری روی زنجیر موی
Ки шоҳ аз туранҷаш турш кард рӯй
که شاه از ترنجش ترش کرد روی
зи бодом бар лолаи унноби рехт
ز بادام بر لاله عناب ریخت
Бидон хок аз дидагони оби рехт
بدان خاک از دیدگان آب ریخت
Чу навмеди гашт ӯ зи соми он замон
چو نومید گشت او ز سام آن زمان
Сано гуфту баргашти тираи равон
ثنا گفت و برگشت تیرهروان
Пас онгаҳ шаҳаншоҳи анҷуми сипоҳ
پس آنگه شهنشاه انجم سپاه
Ба харгаҳ даромад чу рухшандаи моҳ
به خرگه درآمد چو رخشنده ماه
Камарбастаи қлўод дар пои тахт
کمربسته قلواد در پای تخت
Дигар қлўши зобулии неки бахт
دگر قلوش زابلی نیکبخت
Зада чанг дар чанги ромишгарон
زده چنگ در چنگ رامشگران
Равон гашта май дар кафи дилбарон
روان گشته می در کف دلبران
Ма равад зан равад бнўохтаҳ
مه رود زن رود بنواخته
зи ушшоқи мардуми навои сохта
ز عشاق مردم نوا ساخته
Парии чеҳраи таркони хӯбии хиром
پریچهره ترکان خوبی خرام
Ҳамаи ошиқи сом ва пар карда ҷом
همه عاشق سام و پر کرده جام
Яли номвари қлўши зобулӣ
یل نامور قلوش زابلی
Бинолед дар ишқ чун булбулӣ
بنالید در عشق چون بلبلی
Чу шамъи ашк май рехт бар рӯй зард
چو شمع اشک میریخت بر روی زرد
Равон карда бар чеҳраи сайлоби дард
روان کرده بر چهره سیلاب درد
Ба каф барниҳода ақиқи музоб
به کف برنهاده عقیق مذاب
зи наргис равон карда ёқӯти об
ز نرگس روان کرده یاقوت آب
Ҷаҳон аз дами оташини сӯхта
جهان از دم آتشین سوخته
зи дили шамъ гардун барафрӯхта
ز دل شمع گردون برافروخته
Баровардаи мурғи суроҳеи хурӯш
برآورده مرغ صراحی خروش
Самани оризон ҷом мекарда нӯш
سمن عارضان جام میکرده نوش
Рух аз оташ ме барафрӯхта
رخ از آتش می برافروخته
Гуҳии сохтаи авду гуҳи сӯхта
گهی ساخته عود و گه سوخته
Бад-ӣни гӯна то хайли шаб дар расед
بدین گونه تا خیل شب در رسید
Сипоҳи шаҳ рӯм шуд нопадид
سپاه شه روم شد ناپدید
Фурӯд омад аз тахт , соми далер
فرود آمد از تخت، سام دلیر
Сӯй харгаҳаш шуд чу ғуррандаи шер
سوی خرگهش شد چو غرنده شیر
зи мастии малол аз шаробаш гирифт
ز مستی ملال از شرابش گرفت
Чу бахти ман хуфта хобаш гирифт
چو بخت من خفته خوابش گرفت