То кофари чашмати зи мижаи азм сипаҳ кард

تا کافر چشمت ز مژه عزم سپه کرد

Бар хӯни дилами ғамзаи ту чашм сияҳ кард

بر خون دلم غمزهٔ تو چشم سیه کرد

Ин дил ки камӣн дошт бдони чашми ту умрӣ

این دل که کمین داشت بدآن چشم تو عمری

Хам зад ба фани абрӯии ту то чашм нигаҳ кард

خم زد به فن ابروی تو تا چشم نگه کرد

Мискини дилам ар хати туро мшг хто гуфт

مسکین دلم ار خطّ تو را مشگ ختا گفت

Девонаи вшӣ буд хато гуфт ва таба кард

دیوانه وشی بود خطا گفت و تبه کرد

Ин нукта нашуд равшанам аз моҳ ки охир

این نکته نشد روشنم از ماه که آخر

Чандин ки ба рухсор ту зад лоф чаҳ ма кард

چندین که به رخسار تو زد لاف چه مه کرد

Аз роҳи вафоят ба ҷафо рӯй нтобам

از راه وفایت به جفا روی نتابم

Зоин мартаба чун ишқи туам рӯй ба раҳ кард

زاین مرتبه چون عشق توام روی به ره کرد

Зони гӯнаи туро қасди хаёлии сет ки гӯйӣ

زآن گونه تو را قصد خیالی ست که گویی

Изҳори ҳаводорӣ ту кард гунаҳ кард

اظهار هواداریِ تو کرد گنه کرد