Толиби дарди ишқи ту фикр даво наме кунад

طالب دردِ عشق تو فکر دوا نمی‌کند

Варна ба ҷон бе дилони ишқ чаҳ ҳо наме кунад

ورنه به جان بی‌دلان عشق چه‌ها نمی‌کند

Ҳарчӣ дар он ризоӣ ту нест агарчӣ тоъат аст

هرچه در آن رضای تو نیست اگرچه طاعت است

Ҷон ба ҳавас наме хиради дил ба ризо наме кунад

جان به هوس نمی‌خرد دل به رضا نمی‌کند

Ваа ки ба ҷони дайгарии ғамзаи шӯхи тўстм

وه که به جان دیگری غمزهٔ شوخِ تو ستم

намекунаду риояти хотир мо наме кунад

می‌کند و رعایتِ خاطر ما نمی‌کند

Гуфтам агар вафо кунӣ сарфи ту боди умри ман

گفتم اگر وفا کنی صرف تو باد عمر من

Гуфт бирав ки бо касе умр вафо наме кунад

گفت برو که با کسی عمر وفا نمی‌کند

Дӯши саг дар туам гуфт дар аноятӣ

دوش سگ در توام گفت در عنایتی

Боз кунам ба рӯй ту , гуфт , чаро наме кунад

باز کنم به روی تو، گفت، چرا نمی‌کند

Ҳар нафас аз забони ту хории худ ба гӯши худ

هر نفس از زبان تو خواری خود به گوش خود

Май шунӯди хаёлӣу ғайр дуо наме кунад

می‌شنود خیالی و غیر دعا نمی‌کند