Тӯтии ақлам ки даъвӣ такаллум ме кунад

طوطیِ عقلم که دعویّ تکلّم می‌کند

Чун даҳонати нақш май бандади сухан гум ме кунад

چون دهانت نقش می‌بندد سخن گم می‌کند

Аз фиреб ғамза донистам ки айни мардумии сет

از فریب غمزه دانستم که عین مردمی‌ست

Чашми мастати ончӣ аз шухӣ ба мардум ме кунад

چشم مستت آنچه از شوخی به مردم می‌کند

Гар надорад аз гул рӯй ту рангӣ аз чаҳ рӯ

گر ندارد از گُل روی تو رنگی از چه رو

Ғунча аз шодӣ ба зери лаб табассум ме кунад

غنچه از شادی به زیر لب تبسّم می‌کند

Соқиои зони рӯи зи даврони шокирами кови оқибат

ساقیا زآن رو ز دوران شاکرم کاو عاقبت

Хок ҳастӣ марои хишти сар хам ме кунад

خاک هستی مرا خشت سر خُم می‌کند

Бе рахти огаҳи зи фарёди хаёлӣ булбул аст

بی‌رخت آگه ز فریاد خیالی بلبل است

Кови зи шавқ рӯй гул бо худ тараннум ме кунад

کاو ز شوق رویِ گل با خود ترنّم می‌کند