Ман ки бо лаъли ту фориғи з май рангинам
من که با لعل تو فارغ ز می رنگینم
Хӯн дил мехӯраму дархури сад чандинам
خون دل میخورم و درخور صد چندینم
Даврам аз давлати дидори ту ва наздик аст
دورم از دولت دیدار تو و نزدیک است
Ки бубинами рухи мақсӯд ва чунин май байнам
که ببینم رخ مقصود و چنین میبینم
Зон чу нофаи хушам аз ҳамдамии хӯни ҷигар
زآن چو نافه خوشم از همدمی خون جگر
Ки насимии сети зи зулфати нафаси мишкӣнам
که نسیمیست ز زلفت نفس مشکینم
Пеш аз он дам ки гиребони дирам аз ғусса чу гул
پیش از آن دم که گریبان درم از غصّه چو گل
Домани он ба ки зи худ ғунча сифат барчинам
دامن آن به که ز خود غنچه صفت برچینم
Гарми пурсӣ туами сӯхт чаҳ бошад эй дӯст
گرم پرسیِّ توام سوخت چه باشد ای دوست
Ки замонии бабрии дардисар аз болинам
که زمانی ببری دردسر از بالینم
Гар набошад сабаби ашъори хаёлӣ ки барад
گر نباشد سبب اشعار خیالی که برد
Пеши он хусрави хубони сухани ширинам
پیش آن خسرو خوبان سخن شیرینم