Зиҳии рост аз ту ҳамаи кори мо

زهی راست از تو همه کار ما

Ба ҳар ҳоли лутфати нигаҳдори мо

به هر حال لطفت نگهدار ما

Ба савдои зулфи ту то сӯхтем

به سودای زلف تو تا سوختیم

Дар он ҳалқа гармаст бозори мо

در آن حلقه گرم است بازار ما

Гунаҳ мекунему умед аз ту ин

گنه می کنیم و امید از تو این

Ки аз мо напурсӣ зи кирдори мо

که از ما نپرسی ز کردار ما

Аз он дам ки зулфи ту аз даст рафт

از آن دم که زلف تو از دست رفت

Шуд аз дасти сари риштаи кори мо

شد از دست سر رشتهٔ کار ما

Чу гуфтам хаёлӣ чаҳ мурғӣаст , гуфт

چو گفتم خیالی چه مرغی است، گفت

Яке андалебии зи гулзори мо

یکی عندلیبی ز گلزار ما